‘हेलो, टेडी बॉय….’ प्रियांक खरगे के हिमंत बिस्वा सरमा को लेकर दिए बयान पर असम बीजेपी का तंज, जानें पूरा मामला


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कर्नाटक के आईटी मंत्री प्रियांक खरगे के असम के मुख्यमंत्री पर कटाक्ष करने के बाद हिमंत बिस्वा सरमा ने उनपर जमकर निशाना साधा. उन्होंने प्रियांक खरगे को फर्स्ट क्लास मूर्ख करार दिया है. असम बीजेपी ने खरगे का मजाक उड़ाते हुए तंज कसा और कहा, “हैलो, टेडी बॉय. सोशल मीडिया पर लंबे निबंध लिखने से कोई विशेषज्ञ नहीं बन जाता.”

बता दें कि ये विवाद सोमवार (27 अक्टूबर) को तब शुरू हुआ, जब कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खरगे ने कथित तौर पर एक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि उनके राज्य के लिए निर्धारित सेमीकंडक्टर निवेश को केंद्र सरकार द्वारा दबाव डालकर गुजरात और असम की ओर मोड़ा जा रहा है. 

प्रियांक खरगे ने मोदी सरकार पर साधा निशाना
प्रियांक खरगे ने मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सेमीकंडक्टर उद्योग असम और गुजरात क्यों जा रहे हैं, जबकि वे वास्तव में बेंगलुरु आना चाहते हैं? कर्नाटक के लिए किए जाने वाले सभी निवेशों पर केंद्र सरकार दबाव डाल रही है.

हिमंत सरमा ने बताया फर्स्ट क्लास मूर्ख 
प्रियांक खरगे के इस सवाल के जवाब में हिमंत सरमा ने उन्हें फर्स्ट क्लास मूर्ख कहा. उन्होंने ये भी कहा कि  कांग्रेस मंत्री की टिप्पणी असम के शिक्षित व्यक्तियों और युवाओं का अपमान है. उनकी सरकार खरगे के खिलाफ मामला दर्ज करने पर विचार कर रही है और उन्होंने मंत्री के आपत्तिजनक बयान की निंदा न करने के लिए कांग्रेस की आलोचना की.

खरगे ने सोमवार को हिमंत सरमा पर अपने बयानों को राजनीतिक रंग देकर अपनी विफलताओं को छिपाने का प्रयास करने का आरोप लगाया और कहा कि मुख्यमंत्री को इस बात पर विचार करना चाहिए कि युवा लोग अन्यत्र काम की तलाश में पूर्वोत्तर राज्य क्यों छोड़ रहे हैं.

क्या कहा था प्रियांक खरगे ने ?
कर्नाटक के मंत्री ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, “मेरा बयान स्पष्ट और बहुत विशिष्ट है. यह इस बारे में था कि कैसे सेमीकंडक्टर कंपनियों पर गुजरात और असम में स्थापित होने के लिए दबाव डाला जा रहा था, जबकि उन्होंने हमारी इंजीनियरिंग प्रतिभा और स्थापित पारिस्थितिकी तंत्र के कारण कर्नाटक में स्पष्ट रुचि व्यक्त की थी. सरमा केवल अपनी संपत्ति बढ़ाने में कामयाब रहे हैं. हर बड़े घोटाले या भ्रष्टाचार का मामला उनके दरवाजे तक ही सीमित लगता है, जबकि असम के युवाओं को नौकरी या अवसरों के बिना छोड़ दिया गया है.”

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