अमेरिका के साथ शांति समझौते पर बातचीत के बीच ईरान ने एक बार फिर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर चेतावनी जारी है. ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने धमकी देते हुए कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मजु दुनिया भर के देशों के लिए सैन्य शक्ति-प्रदर्शन करने का मंच नहीं है.
ईरानी विदेश मंत्री की तरफ से यह बयान ऐसे समय पर सामने आया है, जब ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर एक संयुक्त बयान जारी किया है, जिसे लेकर गरीबाबादी ने कहा कि जो ताकतें इस इलाके (होर्मुज स्ट्रेट के इलाके) में खतरा पैदा करेंगी, उन्हें उन नतीजों के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा.
X पोस्ट में ईरानी नेता ने क्या दी धमकी?
ईरान के विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने शनिवार (4 जुलाई, 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया. उन्होंने पोस्ट में कहा, ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र से बाहरी की ताकतों के सैन्य शक्ति-प्रदर्शन का मंच नहीं है. ईरान स्ट्रेट की सुरक्षा का जिम्मेदार देश और सुरक्षा का गारंटर होने के नाते, इस जलमार्ग में किसी भी सैन्य गतिविधि पर गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ नजर बनाए हुए है.’
تنگه هرمز میدان نمایش نظامی قدرتهای فرامنطقهای نیست. ایران بهعنوان قدرت مسئول و ضامن امنیت تنگه، نسبت به هر حرکت نظامی در این آبراه حساس هشدار میدهد. امنیت هرمز با دولتهای ساحلی است؛ بحرانسازان مسئول پیامدهای ماجراجویی خود خواهند بود؛ این هشدار جدی است. pic.twitter.com/v9n2GdHnb6
— Gharibabadi (@Gharibabadi) July 4, 2026
उन्होंने कहा, ‘होर्मुज की सुरक्षा की जिम्मेदारी तटीय देशों की है और जो ताकतें होर्मुज स्ट्रेट के इलाके में खतरा पैदा करेंगी, उन्हें इस दुस्साहस के नतीजों के लिए जिम्मेदार भी ठहराया जाएगा. यह एक गंभीर चेतावनी है.’
फ्रांस और यूके ने साझा बयान जारी कर क्या कहा?
वहीं, दूसरी तरफ यूके और फ्रांस की तरफ से जारी संयुक्त बयान में कहा गया है कि ओमान अपने संप्रभु क्षेत्रीय जलक्षेत्र को जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को सुनिश्चित करने के लिए यूके और फ्रांस के साथ काम करने को लेकर सहमति जताई है.
दोनों देशों की तरफ से शनिवार (4 जुलाई, 2026) को जारी संयुक्त बयान में कहा गया, ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है. इस स्ट्रेट के जरिए सभी देशों के जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बहाल करना पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है. ओमान के सुल्तान ने ब्रिटेन और फ्रांस के साथ मिलकर यह निश्चित करने पर सहमति जताई है कि उसके संप्रभु जलक्षेत्र में जहाजों का आना-जाना सुरक्षित रहे.’
बयान में आगे कहा गया, ‘यूके और फ्रांस स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की स्वतंत्र आवाजाही को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक रूप से एक मल्टीनेशनल मिलिट्री मिशन को तैनात करने के लिए भी तैयार हैं. यूके और फ्रांस क्षेत्रीय स्थिरता, सभी देशों की संप्रभुता के सम्मान और वैश्विक सुरक्षा, नौवहन की आजादी और अंतरराष्ट्रीय कानून की रक्षा के लिए अपने साझेदारों के साथ गहरा सहयोग बनाए रखने के लिए अपने साझा प्रतिबद्धता को एक बार फिर से स्पष्ट करते हैं.’
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