इंडिया गठबंधन की बैठक के अंदर से बड़ी खबर है. सूत्रों के मुताबिक लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने बैठक में विदेश नीति पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा, ‘पश्चिम एशिया संकट पर सरकार का रुख साफ नहीं रहा. भारत अमेरिकी डील के मुद्दे पर राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ने किसानों को बेच दिया है.’
‘आर्थिक मोर्चे पर सरकार फेल’
उन्होंने आरोप लगाया कि ‘आर्थिक मोर्चे पर सरकार फेल हो चुकी है. जनता में भारी आक्रोश है. यही रवैया रहा तो एक साल के अंदर मोदी जी प्रधानमंत्री नहीं रहेंगे. देश के युवाओं के साथ धोखा हो रहा है, पेपर लीक सरकार की लापरवाही है. बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दे पर देश में गुस्सा है. संसद से सड़क तक इस मुद्दे पर सबको एक साथ जाकर आवाज उठानी होगी.’
सरकार के खिलाफ आंदोलन करना होगा – राहुल गांधी
इंडिया ब्लॉक की बैठक में कांग्रेस सांसद ने कहा, ‘विपक्ष की एकजुट होना बेहद जरूरी है. तमाम मुद्दों पर एक साथ होकर केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन करना होगा. बैठक में डीलिमिटेशन के मुद्दे पर विपक्षी दलों ने अपनी ताकत दिखाई.’
क्या बोले संजय राउत?
उधर, दिल्ली में आयोजित इंडिया ब्लॉक की अहम बैठक से पहले शिवसेना (यूबीटी) नेता और सांसद संजय राउत ने विपक्षी गठबंधन की एकजुटता का दावा करते हुए कहा कि यह बैठक 2029 लोकसभा चुनाव की रणनीति तय करने के लिए बुलाई गई. दिल्ली में इंडिया ब्लॉक की बैठक पर शिवसेना (यूबीटी) नेता और सांसद संजय राउत ने कहा कि इंडिया ब्लॉक के लोग आपस में नहीं लड़ रहे हैं, बल्कि हम 2029 की लड़ाई की तैयारी कर रहे हैं.
राउत ने कहा कि ‘इंडिया अलायंस एकजुट है, हम एक रहेंगे और राहुल गांधी के नेतृत्व में आगे की रणनीति तय करेंगे. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व पर कोई सवाल नहीं है. संजय राउत ने कहा कि 2029 के चुनाव में हमें प्रधानमंत्री पद के लिए एक चेहरा लेकर जाना होगा. हमारा एजेंडा यही है कि इन लोगों (भाजपा) को सत्ता से हटा दो, यह राष्ट्रभक्ति का एजेंडा है. देश की रक्षा और सम्मान का एजेंडा है. यही बात लोगों के मन में है.’