पाकिस्तान दो नाव में सवार होकर दुनिया को अपनी ताकत दिखाना चाहता है. वह कभी चीन के पाले में नजर आता है तो कभी अमेरिका का साथी बन जाता है. वह पूरी तरह से चीन के हथियारों का मार्केटिंग डीलर देश बनता जा रहा है. पाकिस्तान ने इराक को चीन के हथियार बेचने का ऑफर दिया है. पाकिस्तान ने अपनी तरफ से बताया कि इराक ने उसके JF-17 थंडर लड़ाकू विमान और सुपर मुश्शाक ट्रेनर विमान खरीदने में रुचि दिखाई है.
पाकिस्तान के वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्दीकी ने इराक के वायुसेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल पायलट मोहनद गालिब मोहम्मद रादी अल-असादी से मुलाकात की है. उन्हें एयरफोर्स हेडक्वाटर में गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया है. पाकिस्तान की सेना की तरफ से जानकारी दी गई है. उनके मीडिया सेल ने बताया कि द्विपक्षीय सैन्य सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई है. इनमें एक साथ ट्रेनिंग, क्षमता निर्माण और ऑपरेशन सहयोग को बढ़ावा देने की बात कही गई है.
वायुसेना की दक्षता और तकनीकी प्रगति की सराहना
पीटीआई के मुताबिक, पाकिस्तानी मीडिया ने बताया कि इराकी वायुसेना प्रमुख ने पाकिस्तानी वायुसेना की दक्षता और तकनीकी प्रगति की सराहना की. इराक पाकिस्तानी एयरफोर्स से ट्रेनिंग लेना चाहता है. JF-17 थंडर लड़ाकू विमान और सुपर मुश्शाक ट्रेनर विमान में दिलचस्पी दिखा रहा है.
इराक के अलावा कई देशों को JF-17 बेचने की कोशिश कर चुका
इराक ही नहीं पाकिस्तान इससे पहले कई देशों को चीन के जेएफ-17 बेचने की कोशिश कर चुका है. सऊदी अरब को भी पाकिस्तान ने एक ऑफर दिया है. पाकिस्तान अपने कर्जे को निपटाने के लिए सऊदी का विमान बेचना चाहता है. हालांकि, किसी तरह की डील अभी फिक्स नहीं हुई. इससे पहले लीबिया की नेशनल आर्मी से भी पाकिस्तान का 4 अरब डॉलर का रक्षा डील हुई है. इसमें 16 JF-17 और 12 सुपर मुश्शाक ट्रेनर विमान शामिल हैं. पाकिस्तान सूडान को हथियार और लड़ाकू विमान बेचने के लिए करीब 1.5 अरब डॉलर के सौदे का अंतिम चरण है.
JF-17 फाइटर जेट की क्या खासियतें हैं?
पाकिस्तान और चीन ने मिलकर जेएफ-17 विकसित किया है. इसे कम लागत का मल्टी रोल लड़ाकू विमान बताकर पेश किया जा रहा है. यह पश्चिमी फाइटर जेट्स की तुलना में बेहद ही सस्ता है. इसमें विकसित एईएसए रडार है. इससे दुश्मन को दूर से पकड़ना आसान होता है. इसका रखरखाव बेहद ही सस्ता और आसान है. इस एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल म्यांमार, नाइजीरिया और अजरबैजान कर रहा है. नए पायलटों को सिखाने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है.