‘…तो अमेरिका-इजरायल’, ईरान ने दी धमकी, देश में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में 500 से ज्यादा की मौत


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ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच तेहरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका उन पर हमला करता है तो वो अमेरिकी सैनिकों और इजरायल को निशाना बनाएंगे. इन प्रदर्शनों के दौरान मरने वालों की संख्या 500 पार कर चुकी है. अमेरिका स्थित मानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसी ने बताया कि इन मौतों के अलावा ईरान में 10,600 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर क़लिबफ़ ने कहा कि अमेरिकी हमले की स्थिति में अमेरिकी सैन्य संपत्तियों और इज़रायल को वैलिड टारगेट माना जाएगा. यह धमकी उन्होंने तब दी, जब संसद के लाइव सत्र के दौरान सांसद अमेरिका मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे. क़लिबफ़ ने अशांति के दौरान दृढ़ता से खड़े रहने के लिए ईरान के सुरक्षाबलों की प्रशंसा की और प्रदर्शनकारियों को कड़ी चेतावनी जारी की.

ईरानी संसद के अध्यक्ष ने अमेरिका-इजरायल को चेताया
उन्होंने कहा, ‘ईरान के लोगों को यह पता होना चाहिए कि हम उनके साथ (अमेरिका-इजरायल) बहुत सख्त तरीके से निपटेंगे और गिरफ्तार किए गए लोगों को कड़ी सजा देंगे.’ इजरायल को कब्जे वाला क्षेत्र बताते हुए उन्होंने कहा, ‘ईरान पर हमले की स्थिति में कब्जे वाला क्षेत्र और इस क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य केंद्र, अड्डे और जहाज हमारे टारगेट होंगे.’ उन्होंने कहा कि ईरान हमले के बाद जवाबी कार्रवाई तक ही सीमित नहीं रहेगा.

ईरानी राष्ट्रपति ने क्या कहा
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने अमेरिका और इज़रायल पर ईरान में अशांति फैलाने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका और इज़रायल दंगाइयों और आतंकवादियों को ईरान को अस्थिर करने का निर्देश दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि ईरान के दुश्मन देश में अराजकता और अव्यवस्था फैलाना चाहते हैं और नागरिकों से हिंसक तत्वों से दूरी बनाए रखने की अपील की. साथ ही पेज़ेश्कियन ने शांतिपूर्ण विरोध के प्रति सुलह का रुख अपनाने की कोशिश की.

उन्होंने कहा, ‘लोगों की कई चिंताएं हैं, हमें उनके साथ बैठना चाहिए और अगर यह हमारा कर्तव्य है तो हमें उनकी परेशानियों का समाधान करना चाहिए.’ साथ ही ये भी कहा, ‘इससे भी बड़ा कर्तव्य है कि हम दंगाइयों को पूरे समाज को नष्ट करने की अनुमति न दें.’

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