ईरान-इजरायल युद्ध के दौरान साइबर युद्ध का एक बड़ा उदाहरण सामने आया है. रिपोर्टों के अनुसार इजरायल से जुड़े साइबर ऑपरेशन में ईरान के लोकप्रिय धार्मिक मोबाइल ऐप बड़े सबा कैलेंडर को हैक कर दिया गया. इस ऐप के जरिए लाखों ईरानी यूजर्स के फोन पर अचानक राजनीतिक संदेश भेजे गए. यह घटना उस समय हुई जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर सैन्य हमले किए थे. रिपोर्ट के अनुसार हमलों के कुछ ही मिनट बाद ईरान में लोगों के फोन पर बड़े सबा ऐप से मदद आ गई है जैसा मैसेज दिखाई देने लगा.
बड़े सबा कैलेंडर ईरान में इस्तेमाल होने वाला एक लोकप्रिय इस्लामिक ऐप है. यह ऐप हिजरी कैलेंडर दिखाता है और दिन में पांच बार नमाज के समय—फज्र, जुहर, असर, मगरिब और ईशा की याद दिलाता है. इसके साथ ही अजान की सूचना और इस्लामी त्योहारों की जानकारी भी देता है. गूगल प्ले पर इसके 50 लाख से अधिक डाउनलोड बताए जाते हैं, इसलिए यह ईरान में बहुत भरोसेमंद ऐप माना जाता है. इसी भरोसे का फायदा उठाकर हैकर्स ने इसे साइबर-मनोवैज्ञानिक अभियान के लिए इस्तेमाल किया.
⚠️ Update: #Iran has now been cut off from the world for 36 hours with metrics showing connectivity at 1% of ordinary levels.
The internet blackout imposed on Saturday morning continues to limit Iranians’ access to information as the war with the US and Israel widens regionally. pic.twitter.com/BhN7dDdExi
— NetBlocks (@netblocks) March 1, 2026
हैकर्स ने क्या मैसेज भेजे
India Today की रिपोर्ट के अनुसार 28 फरवरी की सुबह लाखों यूजर्स को फारसी भाषा में कई नोटिफिकेशन भेजे गए. इनमें कहा गया कि अब बदला लेने का समय आ गया है और सुरक्षा बलों को निर्दोष लोगों के खिलाफ कार्रवाई बंद करनी चाहिए. एक मैसेज में सैनिकों से कहा गया कि वे अपने हथियार डाल दें या आजादी की ताकतों के साथ शामिल हो जाएं. इन मैसेज का मकसद ईरानी सेना और सुरक्षा बलों में भ्रम और दबाव पैदा करना बताया गया है.
साइबर और सैन्य हमले साथ-साथ
विशेषज्ञों के अनुसार यह हमला सिर्फ एक ऐप तक सीमित नहीं था. उसी समय ईरान के कई समाचार संगठनों और वेबसाइटों को भी निशाना बनाया गया. इसके साथ ही देश में लगभग 36 घंटे तक इंटरनेट सेवाएं भी प्रभावित रहीं, जिससे लोगों के लिए सही जानकारी की पुष्टि करना मुश्किल हो गया. विश्लेषकों का कहना है कि जब इंटरनेट और मीडिया बाधित हो जाते हैं, तब किसी भरोसेमंद ऐप से आया संदेश लोगों पर ज्यादा असर डालता है. यही वजह है कि बड़े सबा जैसे धार्मिक ऐप को इस ऑपरेशन के लिए चुना गया.