कतर-सऊदी-कुवैत के अलावा भारत अब इस देश से खरीद रहा LPG, मिडिल ईस्ट जंग के बीच सरकार का बड़ा बयान


एलपीजी की संभावित कमी को देखते हुए सरकार ने गुरुवार (19 मार्च 2026) को कहा कि भारत अब मिडिल ईस्ट के अलावा अमेरिका से भी गैस खरीद रहा है, ताकि सप्लाई चेन में आई रुकावट को दूर किया जा सके. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि लगातार जारी युद्ध के कारण स्थिति चिंताजनक जरूर है, लेकिन देश में किसी भी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर पर गैस खत्म होने की कोई रिपोर्ट नहीं है.

उन्होंने बताया कि ऑनलाइन बुकिंग बढ़कर 94 फीसदी तक पहुंच गई है और करीब 83 फीसदी सिलेंडर डिलीवरी डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड के जरिए की जा रही है. उन्होंने कहा कि घबराहट में की जाने वाली बुकिंग में कमी आई है और बुधवार को करीब 57 लाख रिफिल बुकिंग मिलीं. उन्होंने आगे कहा कि एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी सामान्य रूप से जारी है.

गैस स्टोरेज सेंटर पर हमला अस्वीकार्य: भारत

पश्चिम एशिया में गैस भंडारण केंद्रों पर ताजा हमलों से पैदा चिंताओं के बीच भारत ने कहा कि ऐसे हमले अस्वीकार्य हैं और इन्हें रोका जाना चाहिए. इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय, ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक और अपने मलेशियाई समकक्ष अनवर इब्राहिम से बात कर पश्चिम एशिया में स्थिति पर चर्चा की.

ईरान ने अपने साउथ पार्स गैस क्षेत्रों पर इजराइल के हमलों के जवाब में रास लाफान में कतर के एलएनजी केंद्र सहित पश्चिम एशिया के कई ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया है. भारत ने इन हमलों को अंत्यंत परेशान करने वाला बताया और कहा कि ये पहले से ही अनिश्चितता से गुजर रहे वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र को और अधिक अस्थिर करेंगे.

ऊर्जा क्षेत्रों पर हमले को लेकर MEA का बयान

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘भारत ने इससे पहले पूरे क्षेत्र में नागरिक बुनियादी ढांचे, जिसमें ऊर्जा बुनियादी ढांचा भी शामिल है, को निशाना बनाने से बचने का आह्वान किया था. इस क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हालिया हमले अत्यंत परेशान करने वाले हैं और पहले से ही अनिश्चितता से गुजर रहे वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र को और अधिक अस्थिर ही करेंगे. ऐसे हमले अस्वीकार्य हैं और इन्हें रोका जाना चाहिए.’

Input By : आईएएनएस



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