Oil Producing Countries: सबसे ज्यादा तेल उत्पादन वाले 10 देशों की ये रही लिस्ट, टॉप पर कौन, भारत का नंबर कितना?


आज के समय में तेल किसी भी देश की ताकत और युद्ध की क्षमता के लिए बहुत जरूरी माना जाता है. इसका ताजा उदाहरण मौजूदा वक्त में मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध को देखकर लगाया जा सकता है. इस वक्त ईरान में जारी जंग ने पूरी दुनिया को गंभीर तेल संकट में डाल दिया है, क्योंकि सैकड़ों की संख्या में तेल के जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे हुए है. इस जगह से पूरी दुनिया का 20 फीसदी तेल ट्रांसपोर्ट किया जाता है. 

इस बीच Global Firepower की रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें दुनिया के प्रमुख देशों की तेल उत्पादन करने वाले देशों की रैंकिंग दी गई है. इस लिस्ट में दुनिया के प्रमुख देशों की तेल उत्पादन रैंकिंग दी गई है. इस लिस्ट में अमेरिका (United States) सबसे ऊपर पहले नंबर पर है, जहां हर दिन 20,953,000  बैरल तेल का उत्पादन होता है.

इसके बाद दूसरे नंबर पर सऊदी अरब (Saudi Arabia) का स्थान है, जहां 11,174,000 बैरल प्रति दिन तेल निकाला जाता है. तीसरे नंबर पर रूस (Russia) है, जिसका उत्पादन 10,879,000 बैरल प्रति दिन है. इसके बाद कनाडा (Canada) 5,688,000 बैरल प्रति दिन के साथ चौथे स्थान पर है. चीन (China) 4,984,000 बैरल प्रति दिन उत्पादन के साथ पांचवें नंबर पर है. छठे स्थान पर इराक (Iraq) है, जहां 4,448,000 बैरल प्रति दिन तेल निकाला जाता है.

7 से लेकर 10 वें नंबर पर काबिज देशों के नाम

इस लिस्ट में सातवें स्थान पर ब्राजील है, जिसका उत्पादन 4,221,000 बैरल प्रति दिन है. इसके बाद UAE 4,146,000 बैरल प्रति दिन के साथ आठवें स्थान पर है. नौवें नंबर पर ईरान (Iran) है, जहां 4,112,000 बैरल प्रति दिन उत्पादन होता है. दसवें स्थान पर कुवैत है, जिसका उत्पादन 2,910,000 बैरल प्रति दिन है.

इस लिस्ट में भारत का नंबर कौन सा?

इस सूची में भारत 21वें नंबर है, जहां हर दिन 82200 बैरल तेल निकलता है. यह रैंकिंग साफ दिखाती है कि अमेरिका तेल उत्पादन में सबसे आगे है. मिडिल ईस्ट के देश जैसे सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और ईरान भी दुनिया की ऊर्जा सप्लाई में बहुत बड़ी भूमिका निभाते हैं. तेल उत्पादन सिर्फ अर्थव्यवस्था के लिए ही नहीं, बल्कि किसी भी देश की सैन्य ताकत और दुनिया में उसके प्रभाव को भी तय करता है, क्योंकि आज के समय में उद्योग, परिवहन और युद्ध सभी काफी हद तक तेल पर निर्भर हैं.



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