दुनिया के कई बड़े देशों ने मिलकर ईरान के खिलाफ एक संयुक्त बयान जारी किया है. इस बयान में ईरान पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं और तुरंत अपनी एक्टिविटी रोकने की मांग की गई है. इस बयान में संयुक्त अरब अमीरात, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों के नेताओं ने हिस्सा लिया. इन देशों ने कहा कि वे खाड़ी क्षेत्र में बिना हथियार वाले व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हैं. साथ ही तेल और गैस से जुड़ी नागरिक सुविधाओं पर हमले को भी गंभीर बताया गया है.
सबसे बड़ी चिंता स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर जताई गई है. यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है, जहां से पूरी दुनिया का 20 फीसदी तेल का ट्रांसपोर्ट होता है. बयान में कहा गया कि ईरान की गतिविधियों की वजह से यह रास्ता लगभग बंद होने की स्थिति में पहुंच गया है, जिससे ग्लोबल मार्केट पर असर पड़ सकता है. इन देशों ने यह भी कहा कि क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़ रहा है, जो चिंता की बात है. उन्होंने ईरान से तुरंत अपने कदम रोकने को कहा है, जिसमें धमकी देना, समुद्र में बारूदी सुरंग बिछाना, ड्रोन और मिसाइल हमले करना शामिल है.
Joint statement from the leaders of the United Arab Emirates, the United Kingdom, France, Germany, Italy, the Netherlands, Japan, Canada, the Republic of Korea, New Zealand, Denmark, Latvia, Slovenia, Estonia, Norway, Sweden, Finland, Czechia, Romania, Bahrain, Lithuania, and… pic.twitter.com/iA1qqVB36t
— ANI (@ANI) March 22, 2026
कई देश मिलकर स्थिति को शांत करने की कोशिश
बयान के साथ ही सभी देशों ने ईरान से कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का पालन करे और समुद्री रास्तों को सुरक्षित बनाए रखे. यह संयुक्त बयान साफ दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को लेकर चिंता बढ़ रही है और कई देश मिलकर स्थिति को शांत करने की कोशिश कर रहे हैं.
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