मिडिल ईस्ट जंग के बीच पूरी दुनिया की निगाहें आज पाकिस्तान पर टिकी हैं क्योंकि पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आज से अमेरिका और ईरान के बीच पीस टॉक (शांति वार्ता) की शुरुआत हो रही है. इसमें ईरान की तरफ से 6, अमेरिका से 4 और पाकिस्तान के भी 4 प्रतिनिधि शामिल होंगे. ईरान और अमेरिका ने बुधवार को 2 हफ्ते के लिए सीजफायर का ऐलान किया, जिसमें पाकिस्तान का बड़ा रोल रहा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद इसका जिक्र किया था.
ईरान की तरफ से वार्ता में कौन-कौन शामिल?
इस शांति वार्ता में ईरान की तरफ से 6 दिग्गज शामिल होने जा रहे हैं. ईरानी संसद के स्पीकर एमबी गालिबाफ इसको लीड करेंगे, जबकि विदेश मंत्री अब्बास अराघची इसमें शामिल होंगे. दोनों दिग्गज बातचीत के लिए इस्लामाबाद पहुंच गए हैं, इसकी जानकारी पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर दी है.
ईरानी विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
इस वार्ता में ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय रक्षा परिषद के सचिव अली अकबर अहमदीन और केंद्रीय बैंक के गवर्नर अब्दोलनासेर हेम्मती भी शामिल होंगे. इसके अलावा अनुभवी राजनयिक मजीद तख्त रखांची और सुरक्षा मामलों के जानकार मोहम्मद बागेर जोल्घाद्र भी वार्ता का हिस्सा बन सकते हैं. ईरान के विदेश मंत्रालय ने बताया कि गलिबाफ और अराघची के नेतृत्व में ईरानी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंच गया है. इस डेलीगेशन में आर्थिक, सुरक्षा और राजनीतिक क्षेत्रों के तकनीकी विशेषज्ञों के साथ-साथ मीडियाकर्मी और सहायक कर्मचारियों सहित लगभग 70 सदस्य शामिल हैं.
गालिबाफ ने अपने डेलीगेशन का नाम ‘मीनाब 168’ रखा है. ये नाम ईरान के मीनाब शहर में एक स्कूल पर हुए हमले की याद में दिया गया है, जिसमें 168 बच्चों की मौत हो गई थी. इस नाम के जरिए ईरानी प्रतिनिधिमंडल शांति वार्ता के दौरान उन मासूम बच्चों को श्रद्धांजलि दे रहा है और अंतरराष्ट्रीय मंच पर उस घटना की याद दिला रहा है.
अमेरिका की तरफ से कौन-कौन शामिल?
अमेरिका की तरफ से 4 दिग्गज हस्तियां ईरान के साथ बातचीत करने के लिए इस्लामाबाद पहुंचीं. इस लिस्ट में पहला नाम अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का है, जो इस वार्ता को लीड करेंगे. ट्रंप के दामाद और पूर्व सलाहकार जारेड कुशनर, ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और वाइस एडमिरल ब्रैड कूपर भी इस शांति वार्ता में शामिल होंगे.
पाकिस्तान के कई प्रमुख अधिकारी भी इस बातचीत का हिस्सा होंगे. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, थल सेना प्रमुख असीम मुनीर, विदेश मंत्री इशाक डार और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोहम्मद असीम मलिक इस वार्ता को होस्ट करेंगे. देखना ये है कि ईरान-अमेरिका के बीच ये शांति वार्ता सफल रहती है या नहीं.