बॉर्डर के पास पेड़ों पर CCTV… 142 करोड़ का मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट! ED ने म्यांमार-भारत ड्रग्स सिंडिकेट को किया ध्वस्त


प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए त्रिपुरा, मिजोरम और पश्चिम बंगाल में चार ठिकानों पर छापेमारी की. जांच में अब तक 142 करोड़ रुपये से ज्यादा के संदिग्ध लेनदेन का पता चला है.

ED की ये कार्रवाई नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के उस मामले से जुड़ी है, जिसमें अगस्त 2025 में मिजोरम में एक गाड़ी के काफिले को रोककर 49.101 किलोग्राम मेथामफेटामाइन टैबलेट और 40 ग्राम हेरोइन बरामद की गई थी. इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था.

जांच में सामने आया है कि ये एक संगठित अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय गिरोह था, जो म्यांमार से मेथामफेटामाइन की खेप मंगाकर मिजोरम के चंफाई-जोखावथर सेक्टर के रास्ते भारत में तस्करी करता था. इसके बाद ड्रग्स को त्रिपुरा तक पहुंचाया जाता था. तस्करी से कमाए गए पैसे को बैंक खातों, फर्जी कंपनियों, नकदी और हवाला नेटवर्क के जरिए घुमाकर असली स्रोत और लाभार्थियों को छिपाने की कोशिश की जाती थी.

ED के मुताबिक, गिरोह के मुख्य म्यांमार आधारित सप्लायर चिंटुआंग उर्फ त्लुआंगा और ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क के अहम सदस्य जबरुल हक को पहले ही NCB गिरफ्तार कर चुकी है. 8 जून को हुई छापेमारी में त्रिपुरा के सोनामुरा निवासी अनोवार हुसैन उर्फ सुमन मियां उर्फ करोड़पति सुमन और जाशिम मियां, मिजोरम की ह्मिंगथानसांगी तथा पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना स्थित रिजू एंटरप्राइजेज की प्रोपराइटर चैताली दास के ठिकानों को खंगाला गया.

जांच एजेंसियों को सबसे चौंकाने वाली जानकारी त्रिपुरा में मिली. सुमन मियां और जाशिम मियां के घरों के आसपास जंगल वाले इलाकों में पेड़ों पर 25 से अधिक CCTV कैमरे लगाए गए थे. ये कैमरे भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा की निगरानी कर रहे थे, दोनों आरोपियों के घर सीमा पर लगी कंटीली तारबंदी के बिल्कुल पास स्थित है.

महिला के बैंक खाते में 33 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध रकम

वहीं मिजोरम के जोखावथर में जिस महिला के बैंक खाते में 33 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध रकम का पता चला, उसका ठिकाना म्यांमार सीमा से 500 मीटर से भी कम दूरी पर पाया गया.

छापेमारी के दौरान ED ने कई अहम दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और अन्य सबूत जब्त किए है. छापेमारी के दौरान संदिग्ध मादक पदार्थों की तलाश के लिए डॉग स्क्वॉड की भी मदद ली गई. कार्रवाई के दौरान CRPF और BSF के जवानों को भी तैनात किया गया था. ED का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क से जुड़े कई और खुलासे हो सकते है.

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