होर्मुज में क्या है हालात, इस समय रोजाना वहां से कितने गुजर रहे जहाज? आपके हर सवाल का पूरा जवाब


अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म होने के बाद अब पूरी दुनिया की नजर एक बार फिर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर टिकी हुई है. अमेरिका और ईरान के बीच सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों को तुरंत समाप्त करने और एक-दूसरे के खिलाफ बल का प्रयोग न करने पर बनी सहमति के बाद ग्लोबल ऑयल सप्लाई चेन के फिर से सामान्य होने की उम्मीद लगाई जा रही है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल है कि क्या ईरान-अमेरिका जंग से पहले होर्मुज के रास्ते जितने जहाज गुजरते थे अब भी उतने ही जहाज गुजर रहे?

रोज कितने जहाज होर्मुज से गुजर रहे

समुद्री जहाजों के रियल-टाइम ट्रैकिंग करने वाले Kpler डेटा के अनुसार, हाल ही में मिडिल ईस्ट में हुए हमलों के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होने वाले ट्रेड में रुकावट आई थी. अब स्थिति धीरे-धीरे सुधर रही है और यहां से हर दिन औसतन 40 जहाजों की आवाजाही हो रही है. हालांकि होर्मुज पर नियंत्रण को लेकर अभी भी विवाद जारी है. ईरान इस रास्ते पर अपना अधिकारी जताता है, जबकि अमेरिका का कहना है कि किसी भी देश को इस अंतरराष्ट्रीय रास्ते पर जहाजों की आवाजाही रोकने का कोई हक नहीं है.

जंग से पहले क्या थी होर्मुज की स्थिति?

युद्ध के दौरान होर्मजु के रास्ते से गुजरने वाले जहाजों के मुकाबले वर्तमान में जितने शिप गुजर रहे हैं वो संख्या के लिहाज से तो बेहतर है, लेकिन ये पहले के मुकाबले बहुत कम है. जंग से पहले युद्ध से पहले यहां हर दिन औसतन करीब 100 जहाज गुजरते थे. इसका मतलब ये है कि होर्मुज के रास्ते जहाजों की आवाजाही तो हो रही है, लेकिन पूरी रफ्तार से नहीं हो रही है. जंग के दौरान हालत सबसे बदतर थी. 1 मार्च से 17 जून तक इस रास्ते रोजाना सिर्फ 13 जहाज ही गुजर रहे थे.

ईरान और अमेरिका के बीच हुए समझौते के तहत यूएस को 19 जुलाई तक ईरानी बंदरगाहों पर लगी नौसैनिक नाकेबंदी पूरी तरह हटानी है. ईरान का कहना है कि वह होर्मुज के रास्ते जहाजों की आवाजाही पहले के बराबर करेगा. हालांकि इस समुद्री रास्ते पर किसका कंट्रोल होगा इसे लेकर अभी क कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है. समझौते के तहत 60 दिनों तक यहां से गुजरने वाले जहाजों से कोई शुल्क नहीं वसूला जाएगा.

होर्मुज से होने वाली शिपिंग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची: ट्रंप

इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि होर्मुज से होने वाली शिपिंग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है और तेल की कीमतों में और गिरावट आने का अनुमान जताया. उन्होंने कहा, ‘जहाजें होर्मुज से बाहर आ रही हैं. इतनी बड़ी संख्या में नावें बाहर आ रही हैं, जितनी पहले कभी नहीं देखी गईं. असल में हम रिकॉर्ड बना रहे हैं. तेल की कीमतें गिर रही हैं. मुझे कोई परवाह नहीं कि वे खुश हैं या दुखी, मैं चाहता हूं कि कीमतें कम हों. तेल की कीमतें इतनी तेजी से गिर रही हैं, जितना किसी ने सोचा भी नहीं था, लेकिन मैंने आपसे कहा था कि ऐसा होगा. हमारा हर चीज पर पूरा कंट्रोल है.

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान के नियंत्रण को चुनौती देने की किसी भी कोशिश से तनाव और बढ़ेगा. यह बयान ऐसे समय आया है जब मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए शांति वार्ता चल रही है. अराघची ने कहा, ईरान इस्लामिक गणराज्य द्वारा किए जा रहे मौजूदा प्रबंधों से अलग किसी भी नए या अलग समझौते को अपनाने की कोशिश केवल स्थिति को और जटिल बनाएगी, होर्मुज को फिर से खोलने में देरी करेगी और तनाव बढ़ाएगी, जैसा कि हमने पिछली दो रातों में देखा है.

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