शारदा यूनिवर्सिटी में बीडीएस छात्रा की आत्महत्या पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान, आईआईटी खड़गपुर के छात्र पर भी मांगी रिपोर्ट


ग्रेटर नोएडा की शारदा यूनिवर्सिटी में बीडीएस छात्रा की आत्महत्या पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान ले लिया है. इसके साथ ही कोर्ट ने आईआईटी, खड़गपुर में मेकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र की आत्महत्या पर भी जानकारी मांगी है. कोर्ट ने कहा है कि अगर इन मामलों में एफआईआर दर्ज करने में देरी हुई होगी, तो वह संबंधित लोगों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करेगा.

जस्टिस जे बी पारडीवाला और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने वरिष्ठ वकील अपर्णा भट्ट को एमिकस क्यूरी नियुक्त करते हुए दोनों मामलों पर रिपोर्ट देने को कहा है. जजों ने चिंता जताते हुए कहा है कि हमारे शैक्षणिक संस्थानों में कुछ गड़बड़ है. शुक्रवार,18 जुलाई को दोनों छात्रों ने आत्महत्या की थी. शारदा यूनिवर्सिटी की बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (बीडीएस) छात्रा ज्योति और आईआईटी, खड़गपुर के बीटेक छात्र रीतम मंडल अपने-अपने कमरों में मृत पाए गए थे. सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर सोमवार, 29 जुलाई को सुनवाई की बात कही है.

ध्यान रहे कि इस साल 24 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को आदेश दिया था कि छात्रों की आत्महत्या के मामले में वह तुरंत एफआईआर दर्ज करें. कोर्ट ने पढ़ाई के दबाव में आत्महत्या करने वाले छात्रों की मानसिक स्थिति पर रिपोर्ट के लिए एक नेशनल टास्क फोर्स का भी गठन किया था. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस रविंद्र भाट की अध्यक्षता वाले इस टास्क फोर्स को 4 महीने में रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है..



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