ईरान में हुए आतंकी हमले के पीछे है पाकिस्तान का हाथ? जानें क्यों किया जा रहा ये दावा


ईरान के दक्षिण-पूर्वी सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में एक कोर्ट के भीतर आतंकियों ने हमला कर दिया, जिसमें 9 लोगों की मौत और 22 घायल हुए हैं. मरने वालों में तीन हमलावर भी शामिल हैं. हमलावरों ने कोर्ट बिल्डिंग पर गोलियां बरसाईं और ग्रेनेड भी फेंके. 

अब स्थिति कंट्रोल में है- आईआरजीसी

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि उनके जमीनी बलों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और तीन आतंकियों को ढेर कर दिया. आईआरजीसी ने यह भी आश्वासन दिया कि हालात अब पूरी तरह नियंत्रण में हैं और सुरक्षा बल चौकसी बनाए हुए हैं. प्रांतीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे न्याय विभाग और उसके आसपास के क्षेत्रों में जाने से बचें.

ईरान में हुए आतंकी हमले के पीछे है पाकिस्तान का हाथ?

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक इस हमले की जिम्मेदारी जैश अल-जुल्म नामक आतंकवादी संगठन ने ली है, जिसे ईरान पहले ही आतंकी संगठन घोषित कर चुका है. इसकी स्थापना साल 2012 में हुई थी. ये संगठन दावा करता है कि वह ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत के सुन्नी मुस्लिम समुदाय के अधिकारों की रक्षा करता है. ईरान दावा कर रहा है कि जैश अल-जुल्म को पाकिस्तान का समर्थन हासिल है.

जैश अल-जुल्म ने पिछले कुछ वर्षों में ईरानी सुरक्षा बलों और आम नागरिकों पर कई जानलेवा हमले किए हैं. सिस्तान-बलूचिस्तान पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा से सटा हुआ क्षेत्र है.

‘हमलावरों ने इमारत में फेंका ग्रेनेड’

न्यूज एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत के उप पुलिस कमांडर अलीरेजा दलिरी ने बताया कि हमलावरों ने आमलोगों के वेश में इमारत में घुसने की कोशिश की. उन्होंने बताया कि हमलावरों ने इमारत में ग्रेनेड फेंका, जिससे अंदर मौजूद एक वर्षीय बच्चे और बच्चे की मां सहित कई लोग मारे गए. पिछले साल अक्टूबर में इस इलाके में आतंकियों ने हमला किया था, जिसमें 10 पुलिसकर्मी की मौत हुई थी.

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