‘हम तैयार हैं, लेकिन अमेरिका…’, परमाणु हथियारों पर कंट्रोल करने वाले समझौते को लेकर पुतिन ने रखी बड़ी शर्त


रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार (22 सितंबर 2025) को कहा कि वह अमेरिका के साथ हुई न्यू स्टार्ट न्यूक्लियर आर्म्स ट्रीटी को एक साल के लिए बढ़ाने को तैयार हैं, अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इसके लिए तैयार हों.

क्या है न्यू START परमाणु संधि?

रूस और अमेरिका के बीच यह संधि साल 2010 में हुई थी, जिसके तहत दोनों देशों के पास रणनीतिक परमाणु वारहेड (Strategic Nuclear Warheads) और उन पर तैनात मिसाइलों और बॉम्बर्स की संख्या पर सख्त पाबंदियां लगाई गईं. तब तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा और दिमित्री मेदवेदेव ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. मॉस्को ने इस बात पर जोर दिया है कि वह इस समझौते से पूरी तरह पीछे नहीं हट रहा है और संधि में निर्धारित परमाणु हथियारों की सीमा का सम्मान करना जारी रखेगा.

समझौते पर नए सिरे से नहीं हुई बातचीत

यह समझौता 5 फरवरी 2026 को खत्म होने वाला है, लेकिन रूस-अमेरिका के बीच अभी तक इसे लेकर कोई नई बातचीत शुरू नहीं हुई है. यूक्रेन में जारी युद्ध को लेकर दोनों देशों के रिश्ते बेहद तनावपूर्ण हैं. हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन के साथ भी न्यू न्यूक्लियर आर्म्स कंट्रोल डील करने की इच्छा व्यक्त की है. पुतिन का कहना है कि रूस किसी भी संभावित खतरे का सैन्य बल से जवाब देने के लिए तैयार है.

इस संधि को आगे बढ़ाना दुनिया के हित में होगा- पुतिन

पुतिन ने रूस की सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा कि इस संधि को आगे बढ़ाना दुनिया के हित में होगा. उन्होंने कहा कि 5 फरवरी 2026 के बाद भी एक साल तक न्यू स्टार्ट संधि का पालन के लिए रूस तैयार है. पुतिन ने कहा कि पश्चिमी देशों की विनाशकारी कार्रवाइयों की वजह से परमाणु हथियार वाले देशों के बीच संवाद की नींव काफी हत तक कमजोर हो गई है. 

न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार इस संधि के तहत हर देश 1550 से ज्यादा परमाणु हथियार, 700 मिसाइलें और बॉम्बर्स तैनात नहीं कर सकता है. इस संधि का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए ऑन-साइट निरीक्षण के प्रावधान शामिल थे. हालांकि साल 2020 के बाद से निरीक्षण नहीं हुए हैं. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने साल 2023 में ऑन-साइट निरीक्षण के प्रवधानों को निलंबित कर दिया.           

ये भी पढ़ें : ‘लोगों को जिंदा रखने की जिम्मेदारी शहबाज सरकार की’, PAK आर्मी ने 30 नागरिकों को उतारा मौत के घाट, मचा बवाल



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *