जुबिन गर्ग मर्डर केस: असम CID की छापेमारी में बड़ा खुलासा, आरोपी इवेंट मैनेजर के पास मिले कई फर्जी दस्तावेज



असम पुलिस ने गायक जुबिन गर्ग की मौत के मामले में आरोपी ‘इवेंट मैनेजर’ (कार्यक्रम आयोजित करने वाली कंपनी के प्रबंधक) श्यामकानु महंत के खिलाफ संगठित वित्तीय अपराधों में उसकी कथित संलिप्तता और धनशोधन के जरिये संपत्ति अर्जित करने को लेकर एक अलग जांच शुरू की है. आधिकारिक दस्तावेजों से यह जानकारी मिली.

श्यामकानु पूर्व डीजीपी भास्कर ज्योति महंत के छोटे भाई हैं, जो वर्तमान में असम राज्य सूचना आयोग के मुख्य सूचना आयुक्त हैं. उनके एक और बड़े भाई नानी गोपाल महंत गुवाहाटी विश्वविद्यालय के कुलपति बनने से पहले मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के शिक्षा सलाहकार थे.

कई पैन कार्ड, मुहरें और दस्तावेज जब्त

दस्तावेजों से पता चला है कि आपराधिक जांच विभाग (CID) ने गुरुवार और शुक्रवार को छापेमारी के दौरान श्यामकानु के घर से ‘अपराध में लिप्त होने का संकेत देने वाले’ दस्तावेजों के बंडल और अन्य चीजें जब्त कीं. जब्त चीजों में एक ही कंपनी के नाम पर कई पैन कार्ड, विभिन्न कंपनियों और सरकारी अधिकारियों के लगभग 30 मुहरें और कई बेनामी संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज शामिल हैं.

तलाशी के बाद CID ​​के वरिष्ठ एसपी आशिफ अहमद ने एक विस्तृत प्राथमिकी दर्ज की, जिसकी एक प्रति ‘पीटीआई’ के पास उपलब्ध है. इस प्राथमिकी में सभी बरामदगी का उल्लेख है और महंत की कथित वित्तीय अनियमितताओं की एक अलग जांच के लिए उनकी सभी संपत्तियों को कुर्क और फ्रीज करने का अनुरोध किया गया है.

कई धाराओं के तहत मामला दर्ज

शिकायत मिलने के बाद CID ​​मुख्यालय ने शनिवार (27 सितंबर, 2025) को रात भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया और अतिरिक्त एसपी मोरमी दास को जांच अधिकारी नियुक्त किया. CID ​​वर्तमान में गर्ग की मौत की जांच कर रही है, क्योंकि राज्य भर में 60 से अधिक प्राथमिकी दर्ज की गई हैं.

महंत सिंगापुर में पूर्वोत्तर भारत महोत्सव के मुख्य आयोजक हैं, जहां गायक प्रस्तुति देने गए थे. इसके अलावा लगभग 10 अन्य लोगों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिनमें गायक के प्रबंधक सिद्धार्थ शर्मा भी शामिल हैं. इसके बाद, CID ​​मुख्यालय ने मामला दर्ज कर अलग से जांच शुरू कर दी.

जांच के लिए नौ-सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन

डीजीपी हरमीत सिंह ने बुधवार को गर्ग की असामयिक मृत्यु की जांच के लिए नौ-सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था. गर्ग की 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में तैरते समय मृत्यु हो गई थी. वह महंत की कंपनी की ओर से आयोजित चौथे पूर्वोत्तर भारत महोत्सव में भाग लेने के लिए सिंगापुर गए थे.

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