ट्रंप के गाजा प्लान पर पाकिस्तान ने क्यों लिया यू-टर्न? जानें इस फैसले का जिन्ना कनेक्शन



Gaza Peace Plan: पाकिस्तान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पेश की गई 20 सूत्रीय गाजा शांति योजना से औपचारिक रूप से खुद को अलग कर लिया है.  विदेश मंत्री और उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने राष्ट्रीय सभा में कहा कि अमेरिका का अंतिम प्रस्ताव पाकिस्तान द्वारा समर्थित नहीं है और यह मुस्लिम और अरब देशों के साझा मसौदे का पूर्ण प्रतिनिधित्व नहीं करता.

डार ने साफ किया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने जो 20 बिंदु सार्वजनिक किए हैं, वे हमारे नहीं हैं. हमारे मसौदे में बदलाव किए गए थे. मेरे पास इसका रिकॉर्ड है. उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में राजनीति की कोई गुंजाइश नहीं है.

जानें इसका इतिहास

विदेश मंत्री डार ने बताया कि यह मसौदा 80वें संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के दौरान तैयार किया गया. इस दौरान ट्रंप और आठ देशों पाकिस्तान, जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात, इंडोनेशिया, तुर्की, सऊदी अरब, कतर और मिस्र के विदेश मंत्री शामिल थे. इस मसौदे में तत्काल युद्धविराम, मानवीय सहायता और गाजा में जारी हिंसा रोकने पर खास ध्यान दिया गया था.

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुरुआत में इस योजना का स्वागत किया और टू स्टेट सल्यूशन के लिए समर्थन दोहराया. लेकिन पाकिस्तान में इस समर्थन की तीखी आलोचना हुई. कई लोगों ने इसे “आत्मसमर्पण” बताया और फिलिस्तीनी राज्य के लिए स्पष्ट रोडमैप न होने पर सवाल उठाए.

‘पाकिस्तान और अमेरिकी मसौदे में है अंतर’

विदेश मंत्री डार ने बताया कि पाकिस्तान का मसौदा और अमेरिकी प्रस्ताव कई मामलों में अलग हैं. पाकिस्तान चाहता था कि गाजा से इजरायली सेना पूरी तरह पीछे हटे, जबकि अमेरिकी योजना में बंधकों की रिहाई के साथ चरणबद्ध वापसी का सुझाव दिया गया. डार ने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप की समिति ने हमारी मांगों पर खुली बातचीत की. उन्होंने हमें 20 सूत्रीय प्रस्ताव दिया. अगले 24 घंटों में आठ देशों ने अनौपचारिक रूप से मसौदे का आदान-प्रदान किया. हम होटल के कमरों में हार्ड कॉपी का आदान-प्रदान कर रहे थे.”

शुरुआत में सभी विदेश मंत्रियों से संयुक्त हस्ताक्षर लेने की कोशिश हुई, लेकिन सहमति नहीं बन पाई. 29 सितंबर को ट्रंप की इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू से मुलाकात के बाद अमेरिकी 20 सूत्रीय योजना सार्वजनिक कर दी गई.

पाकिस्तान की फिलिस्तीन नीति

डार ने दोहराया कि पाकिस्तान की फिलिस्तीन नीति कायदे-आजम मोहम्मद अली जिन्ना की नीति जैसी ही है और इसमें कभी बदलाव नहीं होगा. पाकिस्तान एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य को अल कुद्स अल शरीफ की राजधानी बनाने का समर्थन करता है. उन्होंने यह भी बताया कि आठ देशों के कुछ प्रस्ताव स्वीकृत किए गए हैं, जबकि कुछ को आगे की बातचीत के लिए रखा गया है.



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