‘शहबाज से अपने जूते चमकवाते हैं ट्रंप…’, US राष्ट्रपति की चापलूसी पर पाकिस्तान में ही घिरे PM शरीफ; हो रही थू-थू



मिस्र में हुए गाजा शिखर सम्मेलन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मंच को लगभग डोनाल्ड ट्रंप की प्रशंसा सभा में बदल दिया. उन्होंने ट्रंप को ‘शांति पसंद शख्स’ बताया और कहा कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान युद्ध को रोककर लाखों लोगों की जान बचाई. शरीफ ने यह भी कहा कि वे ट्रंप को दोबारा नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करेंगे. इस पर ट्रंप ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, ‘वाह! मैंने ये उम्मीद नहीं की थी.’

सोशल मीडिया पर मिली तीखी प्रतिक्रिया
जहां ट्रंप ने इस तारीफ का लुत्फ उठाया, वहीं सोशल मीडिया पर शरीफ की जमकर आलोचना हुई. कई यूजर्स ने इसे पाकिस्तान के लिए शर्मनाक बताया. पाकिस्तानी राजनेता और इतिहासकार अम्मार अली जान ने X पर लिखा, ‘शहबाज शरीफ की डोनाल्ड ट्रंप के लिए लगातार और बेवजह की गई तारीफ दुनियाभर में पाकिस्तानियों के लिए शर्मिंदगी का कारण है.’

कॉलमिस्ट एस.एल. कंठन ने भी तंज कसते हुए लिखा, ‘जब भी ट्रंप को अपने जूते चमकवाने की जरूरत होती है, वह पाकिस्तान के ‘नन्हे प्रधानमंत्री’ को बुलाते हैं. भू-राजनीति में इतना शर्मनाक नजारा पहले कभी नहीं देखा.’

ट्रंप की भूमिका पर दोहराया भरोसा
सोमवार को शरम अल-शेख में विश्व नेताओं को संबोधित करते हुए शरीफ ने दोहराया कि ट्रंप ने भारत-पाक संघर्ष को रोकने में अहम भूमिका निभाई थी. उन्होंने अपने पांच मिनट के भाषण में कई बार ट्रंप की इजराइल-हमास संघर्षविराम कराने की कोशिशों की भी तारीफ की. शरीफ ने कहा, ‘आज आधुनिक इतिहास के सबसे महान दिनों में से एक है, क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में शांति हासिल हुई है. वह सचमुच शांति के आदमी हैं.’ उन्होंने आगे कहा कि अगर ट्रंप न होते, तो भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध इतना बढ़ जाता कि कोई भी जिंदा न बचता.

नोबेल पुरस्कार की सिफारिश
शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान ने ट्रंप के ‘शांति को बढ़ावा देने में अद्भुत योगदान’ को मान्यता देने के लिए उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया है. उन्होंने कहा, ‘यह उनका सम्मान करने के लिए हमारी तरफ से सबसे छोटा कदम है. वे वाकई शांति के सच्चे दूत हैं.’





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