अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार (18 सितंबर, 2025) को एंटीफा को एक ‘प्रमुख आतंकवादी संगठन’ घोषित किया. यह घोषणा उनके करीबी सहयोगी और दक्षिणपंथी राजनीतिक कार्यकर्ता चार्ली किर्क की हत्या के कुछ दिनों बाद की गई है. अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में राष्ट्रपति ट्रंप ने एंटीफा को फंड करने वालों को कड़े कानूनों के तहत कार्रवाई की धमकी दी.
ट्रंप ने लिखा, “मुझे अपने सभी अमेरिकी देशभक्तों को यह सूचित करते हुए खुशी हो रही है कि मैं एंटीफा को एक बीमार, खतरनाक, कट्टरपंथी वामपंथी आपदा मानता हूं और इसे एक एक प्रमुख आतंकवादी संगठन घोषित कर रहा हूं. उन्होंने आगे कहा कि ANTIFA को फंड करने वालों की हाई लेवल जांच की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.
चार्ली किर्क का नाम लेकर स्टीफन मिलर ने क्या कहा
एंटीफा, फासीवाद-विरोध का संक्षिप्त रूप है, जिसका इस्तेमाल बिखरे हुए वामपंथी समूहों के लिए किया जाता है. इस सप्ताह की शुरुआत में सोमवार को व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने कहा कि चार्ली किर्क ने उन्हें जो लास्ट मैसेज भेजा था, उसमें हिंसा को बढ़ावा देने के आरोपी अनाम वामपंथी समूहों के खिलाफ कार्रवाई का आह्वान किया गया था. उन्होंने वादा किया कि संघीय सरकार उन्हें खत्म करने के लिए हर उपलब्ध संसाधन का पूरा इस्तेमाल करेगी. बता दें कि मई 2020 में डोनाल्ड ट्रंप ने एंटीफा आंदोलन को आतंकवादी समूह घोषित करने की बात कही थी.
क्या है एंटीफा
सामरिक एवं अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन केंद्र (सीएसआईएस) एक गैर-लाभकारी नीति अनुसंधान संगठन ‘एंटीफा’ को अति-वामपंथी उग्रवादियों का एक नेटवर्क बताता है, जो फासीवादी, नस्लवादी या अन्यथा दक्षिणपंथी अतिवादियों का विरोध करते हैं. सीएसआईएस के अनुसार, एंटीफा द्वारा प्रयुक्त किए जाने वाले सबसे आम प्रतीकों में से एक 1917 की रूसी क्रांति का लाल झंडा और 19वीं सदी के अराजकतावादियों का काला झंडा है.
एंटीफा ग्रुप अक्सर दक्षिणपंथी सभाओं और रैलियों को बाधित करने के लिए विरोध प्रदर्शन करते हैं. ऐसा कहा जाता है कि वे अपनी गतिविधियां सोशल मीडिया, एन्क्रिप्टेड पीयर-टू-पीयर नेटवर्क और सिग्नल जैसी मैसेजिंग सेवाओं देने वाले ऐप के जरिए आयोजित करते हैं.
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