Iran-US Deal: अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता, किन मुद्दों पर बनी सहमति?


ईरान और अमेरिका ने महीनों से चल रही जंग को खत्म करने के लिए गुरुवार (18 जून, 2026) को सुबह-सुबह एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने डिजिटल माध्यम से ईरान-अमेरिका समझौता ज्ञापन (MoU) पर साइन किए. ट्रंप ने फ्रांस में राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों की मौजूदगी में इस एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं.

समझौते के तहत ईरान और लेबनान में मिलिट्री एक्शन खत्म किया जाएगा, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोला जाएगा और अमेरिका की नोसैनिक नाकेबंदी खत्म की जाएगी. इसके अलावा, ईरान के परमाणु कार्यक्रम और ईरान के पुननिर्माण और आर्थिक विकास को लेकर क्या-क्या समझौते हुए हैं, उनके बारे में यहां पूरी डिटेल में जानकारी दी गई है-

अनुच्छेद 1
अमेरिका, ईरान और वर्तमान युद्ध में उनके सहयोगी, इस समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर करके सभी मोर्चों पर, जिसमें लेबनान भी शामिल है, सैन्य अभियानों की तत्काल और स्थाई समाप्ति की घोषणा करते हैं. वे भविष्य में एक-दूसरे के विरुद्ध किसी युद्ध या सैन्य कार्रवाई की शुरुआत न करने, बल प्रयोग या बल प्रयोग की धमकी से परहेज करने और लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता सुनिश्चित करने का वचन देते हैं. अंतिम समझौते में इस अनुच्छेद और सभी मोर्चों पर युद्ध की स्थाई समाप्ति की पुष्टि की जाएगी.

अनुच्छेद 2
अमेरिका और ईरान एक-दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करेंगे और एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेंगे.

यह भी पढ़ें:- ईरान-अमेरिका डील पर शहबाज शरीफ ने किया था बड़ा दावा, बाद में डिलीट की पोस्ट, पाकिस्तान की कराई फजीहत

अनुच्छेद 3
दोनों पक्ष अधिकतम 60 दिनों के अंदर, जिसे आपसी सहमति से बढ़ाया जा सकता है, अंतिम समझौते पर बातचीत और उसे पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

अनुच्छेद 4
इस MOU पर हस्ताक्षर होते ही अमेरिका ईरान के विरुद्ध अपनी नौसैनिक नाकाबंदी और अन्य सभी बाधाओं को हटाने की प्रक्रिया शुरू करेगा और 30 दिनों के अंदर नाकाबंदी पूरी तरह समाप्त कर देगा. इस अवधि में जहाजों की आवाजाही युद्ध-पूर्व स्तर के अनुपात में बहाल की जाएगी. अंतिम समझौते के 30 दिनों के अंदर अमेरिका ईरान की सीमा के निकट से अपनी सैन्य उपस्थिति भी हटा लेगा.

अनुच्छेद 5
MOU पर हस्ताक्षर के बाद ईरान 60 दिनों तक फारस की खाड़ी से ओमान सागर और वापस आने वाले वाणिज्यिक जहाजों के सुरक्षित और निःशुल्क आवागमन की व्यवस्था करने का पूरा प्रयास करेगा. वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही तुरंत शुरू होगी और तकनीकी और सैन्य बाधाओं को हटाने और बारूदी सुरंगों की सफाई के बाद 30 दिनों के अंदर पूरी तरह बहाल कर दी जाएगी. ईरान, ओमान और अन्य खाड़ी तटीय देशों के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप होर्मुज़ के भविष्य के प्रशासन और समुद्री सेवाओं पर चर्चा करेगा.

अनुच्छेद 6
अमेरिका अपने क्षेत्रीय साझेदारों के साथ मिलकर ईरान के पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास के लिए कम-से-कम 300 अरब डॉलर की योजना तैयार करेगा. इस योजना के क्रियान्वयन की व्यवस्था अंतिम समझौते के तहत 60 दिनों में तय की जाएगी. आवश्यक वित्तीय लेन-देन के लिए सभी लाइसेंस, छूट और अनुमतियां अमेरिका प्रदान करेगा.

अनुच्छेद 7
अमेरिका अंतिम समझौते के हिस्से के रूप में तय समय-सारणी के अनुसार ईरान पर लगे सभी प्रकार के प्रतिबंध समाप्त करेगा. इसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव, IAEA बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के प्रस्ताव ओर सभी अमेरिकी प्राथमिक और द्वितीयक प्रतिबंध शामिल होंगे. दोनों पक्ष मानते हैं कि प्रतिबंधों को हटाना अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है और इस पर तुरंत बातचीत शुरू करेंगे.

अनुच्छेद 8
ईरान पुनः पुष्टि करता है कि वह परमाणु हथियार न तो हासिल करेगा और न ही विकसित करेगा. दोनों पक्ष IAEA की निगरानी में समृद्ध यूरेनियम के मौजूदा भंडार के निपटारे के लिए आपसी सहमति से तंत्र विकसित करेंगे. न्यूनतम व्यवस्था के रूप में साइट पर ही यूरेनियम को कम संवर्धित (Down-blending) किया जाएगा. दोनों पक्ष ईरान की परमाणु आवश्यकताओं, यूरेनियम संवर्धन और अन्य संबंधित विषयों पर भी चर्चा करेंगे. अंतिम समझौते में इन प्रावधानों की पुष्टि की जाएगी.

यह भी पढ़ें:- Iran US Deal: अमेरिका-ईरान डील से नेतन्याहू की मुसीबत, खुश नहीं इजरायली, सर्वे में चौंकाने वाला खुलासा

अनुच्छेद 9
अंतिम समझौते तक दोनों पक्ष यथास्थिति बनाए रखेंगे. ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम की वर्तमान स्थिति बनाए रखेगा, जबकि अमेरिका कोई नया प्रतिबंध नहीं लगाएगा और क्षेत्र में अतिरिक्त सैन्य बल तैनात नहीं करेगा.

अनुच्छेद 10
इस MOU पर हस्ताक्षर होते ही और प्रतिबंधों की समाप्ति तक, अमेरिकी वित्त विभाग (Treasury Department) ईरानी कच्चे तेल, पेट्रोलियम उत्पादों और उनसे संबंधित सेवाओं- जैसे बैंकिंग, बीमा और परिवहन- के निर्यात के लिए आवश्यक छूट प्रदान करेगा.

अनुच्छेद 11
अमेरिका इस MOU के लागू होते ही ईरान की सभी जमी हुई या प्रतिबंधित निधियों और परिसंपत्तियों को उपयोग के लिए उपलब्ध कराएगा. दोनों पक्ष इन निधियों की रिहाई की प्रक्रिया पर बातचीत के दौरान सहमति बनाएंगे. ये धनराशि, चाहे मूल खाते में रहे या स्थानांतरित की जाए, ईरान के केंद्रीय बैंक द्वारा नामित अंतिम लाभार्थियों को भुगतान हेतु पूर्ण रूप से उपयोग योग्य होगी. अमेरिका इसके लिए आवश्यक सभी लाइसेंस और अनुमतियां जारी करेगा.

अनुच्छेद 12
दोनों पक्ष इस MOU और भविष्य के अंतिम समझौते के सफल कार्यान्वयन और अनुपालन की निगरानी के लिए एक कार्यकारी तंत्र (Executive Mechanism) स्थापित करेंगे.

अनुच्छेद 13
इस MOU पर हस्ताक्षर और अनुच्छेद 1, 4, 5, 10 और 11 के कार्यान्वयन की शुरुआत और उनके निरंतर पालन के बाद, अमेरिका और ईरान शेष अनुच्छेदों पर अंतिम समझौते के लिए विशेष वार्ता शुरू करेंगे.

अनुच्छेद 14
अंतिम समझौते को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के एक बाध्यकारी प्रस्ताव द्वारा अनुमोदित किया जाएगा.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *