Madras High Court: मद्रास हाई कोर्ट ने गुरुवार (17 अप्रैल 2025) को तमिलनाडु पुलिस को राज्य के वन मंत्री के पोनमुडी के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश दिया. पोनमुडी की ओर से दिये गए विवादास्पद बयान के कारण उन्हें पार्टी पद से हटा दिया गया था. हाई कोर्ट ने पुलिस को चेतावनी दी कि यदि वह राज्य में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) नेता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं करती हैं तो वह उसके खिलाफ स्वतः संज्ञान लेकर अवमानना की कार्यवाही शुरू करेगा.
हाई कोर्ट के जज ने पुलिस को दी चेतावनी
जस्टिस एन आनंद वेंकटेश ने पुलिस को चेतावनी देते हुए कहा, ‘‘अब अदालत ने मामले का संज्ञान ले लिया है. अगर आपके पास शिकायत नहीं भी है तो भी मामला दर्ज करें और जांच आगे बढ़ाएं.’’ जस्टिस ने मामले में स्वत: संज्ञान लेकर आगे की सुनवाई के लिए 23 अप्रैल की तिथि निर्धारित की.
पार्टी ने भी पोनमुडी के ऊपर की थी कार्रवाई
पोनमुडी ने हाल ही में एक सार्वजनिक बैठक में एक यौनकर्मी के संदर्भ में शैव-वैष्णव संबंधी टिप्पणी करके विवाद खड़ा कर दिया था. उनके बयान की व्यापक पैमाने पर आलोचना हुई थी. पोनमुडी की आलोचना करने वालों में उनकी अपनी पार्टी की सांसद कनिमोई भी शामिल थीं. डीएमके अध्यक्ष और मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने पोनमुडी को पार्टी के उप महासचिव पद से हटा दिया था हालांकि बाद में वरिष्ठ नेता ने अपनी अनुचित टिप्पणी के लिए माफी मांगी थी.
एक सार्वजनिक समारोह में उन्होंने हिंदू धार्मिक पहचान को लेकर महिलाओं से जुड़ा आपत्तिजनक बयान दिया, जिसके बाद पार्टी ने भी उनपर कार्रवाई की थी. उन्होंने हिंदू तिलक पर कमेंट किया था, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. उनके बयान पर डीएमके सांसद कनिमोझी ने भी ऐतराज जताया.
बीजेपी ने स्टालिन और इंडिया गठबंधन पर आरोप
बीजेपी आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने इस मुद्दे को लेकर सीएम स्टालिन पर निशाना साधा था. अमित मालवीय ने एक्स पर पोस्ट कर कहा था, “चाहे वह DMK हो, कांग्रेस हो, TMC हो या RJD हो, INDIA गठबंधन के सदस्य विचारधारा से नहीं, बल्कि हिंदू मान्यताओं का अपमान करने के लिए एकजुट दिखते हैं.