NEET UG 2026 Re-Exam: नीट UG 2026 री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम पर रोक का NTA ने किया बचाव, बताई बड़ी वजह


नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा के दौरान टेलीग्राम पर अस्थायी रोक लगाने के फैसले का बचाव किया है. एजेंसी का कहना है कि मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा करने वाले लोग नकली प्रश्नपत्र फैलाने और छात्रों को ठगने के लिए कर रहे थे. इसी वजह से यह कदम उठाना जरूरी हो गया था. इस मुद्दे पर ANI से बातचीत करते हुए NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने कहा कि यह फैसला उन छात्रों की सुरक्षा के लिए लिया गया है जिन्हें कुछ लोग लीक हुए NEET प्रश्नपत्र देने का झूठा दावा करके गुमराह कर रहे थे. उन्होंने कहा कि कई धोखेबाज टेलीग्राम के जरिए नकली प्रश्नपत्रों को असली बताकर बेच रहे थे और छात्रों से पैसे वसूल रहे थे.

NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा 21 जून को होनी है. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार और NTA ने परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया है. अभिषेक सिंह ने बताया कि NTA ने टेलीग्राम के अधिकारियों के साथ बैठक की थी और उनसे ऐसे समूहों और चैनलों पर कड़ी नजर रखने का अनुरोध किया था जो खुद को NEET पेपर लीक से जोड़कर प्रचार कर रहे थे. उन्होंने कहा कि अब तक 200 से अधिक टेलीग्राम चैनलों को ब्लॉक करना पड़ा है. हालांकि कई बार कार्रवाई होने में देरी के कारण कुछ लोग धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं.

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टेलीग्राम चैनलों को लेकर क्या कहा गया?

अभिषेक सिंह ने बताया कि 3 मई को हुई NEET परीक्षा के दौरान भी कुछ टेलीग्राम चैनलों ने भ्रामक वीडियो फैलाए थे. इन वीडियो में यह दिखाने की कोशिश की गई थी कि परीक्षा का प्रश्नपत्र पहले ही लीक हो चुका था. जांच में पाया गया कि कुछ चैनलों ने 3 मई के असली प्रश्नपत्र को बाद में पोस्ट किया और उसे ऐसा दिखाया जैसे वह 1 मई को ही साझा किया गया था. इससे छात्रों और अभिभावकों में भ्रम फैलाने की कोशिश की गई. अभिषेक सिंह ने कहा कि टेलीग्राम का गलत इस्तेमाल केवल परीक्षा से जुड़े मामलों तक सीमित नहीं है. कई रिपोर्टों में इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल ड्रग्स, क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े फर्जी निवेश, ऑनलाइन ठगी, वेश्यावृत्ति और बच्चों के यौन शोषण जैसी गैरकानूनी गतिविधियों के लिए किए जाने की बात भी सामने आई है. उन्होंने कहा कि टेलीग्राम पर लगाई गई यह रोक छात्रों और परीक्षा प्रणाली के हित में की गई कार्रवाई है.

MeitY NTA की सिफारिश  पर क्या किया?

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने NTA की सिफारिश पर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 69A के तहत टेलीग्राम पर अस्थायी रोक लगाने का आदेश जारी किया है. यह रोक सीमित समय के लिए है और 22 जून 2026 तक लागू रहेगी. इसमें परीक्षा का दिन और उसके तुरंत बाद का समय भी शामिल है. इसके अलावा टेलीग्राम को एक अलग निर्देश जारी करते हुए 30 जून 2026 तक भारत में अपने मैसेज एडिटिंग फीचर को बंद करने के लिए कहा गया है. NTA का मानना है कि कुछ लोग पुराने संदेशों को संपादित करके और मूल समय को बरकरार रखते हुए फर्जी पेपर लीक के सबूत तैयार करने की कोशिश कर रहे थे. इसी कारण इस फीचर पर भी अस्थायी रोक लगाने का फैसला लिया गया है.

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