Pakistan PM Shehbaz Sharif: भारतीय सशस्त्र बलों ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान को 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले का जवाब दिया. भारतीय सेना ने पाकिस्तान और PoK में 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया. इन 9 ठिकानों में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का मुख्यालय भी शामिल था, जो पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के एक छोटे से शहर मुरीदके में स्थित था. भारत ने अपनी जवाबी कार्रवाई में आतंकियों के मुख्यालय का मिट्टी के ढेर में बदल दिया.
हालांकि, पाकिस्तानी सरकार ने अब लश्कर के आतंकी अड्डे को फिर से बनवाने का ठेका अपने सिर उठाया है. जी हां.. आतंकियों के साथ नाता तोड़ने का दावा करने वाली शहबाज शरीफ की सरकार अब भारत की कार्रवाई में ध्वस्त हुए मुरीदके में आतंकियों के अड्डे का पुनर्निर्माण करवाने वाली है. इस बात की पुष्टि खुद पाकिस्तान के इंडस्ट्रीज और प्रोडक्शन के केंद्रीय मंत्री राणा तनवीर हुसैन की है.
शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर पुनर्निर्माण का उठाएंगे खर्च
इंडिया टुडे ने पाकिस्तानी मीडिया के हवाले से अपनी रिपोर्ट में कहा कि पाकिस्तान की सरकार ने इस इलाके के पुनर्निर्माण का खर्च खुद उठाने का वादा किया है. पाकिस्तानी मंत्री राणा तनवीर हुसैन ने कहा, “भारत के ऑपरेशन में तबाह हुई मस्जिद मरकज तैयबा का फिर से निर्माण कराया जाएगा और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पाक सैन्य प्रमुख आसिम मुनीर पुनर्निमाण का खर्च उठाएंगे.“
पाकिस्तान के अखबार द न्यूज इंटरनेशनल के मुताबिक, पाकिस्तानी केंद्रीय मंत्री राणा तनवीर हुसैन और पंजाब के आवास मंत्री बिलाल यासीन ने यह जानकारी सोमवार (12 मई) को भारत की कार्रवाई से मुरीदके में घायल लोगों से मुलाकात के बाद दी.
भारत के निशाने पर सिर्फ आतंकवादी थे
पाकिस्तान में पंजाब प्रांत का मुरिदके शहर को लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी गढ़ कहा जाता है, उसके केंद्र मस्जिद मरकज तैयबा को भारतीय सेना ने मिसाइल और ड्रोन अटैक से पूरी तरह तबाह कर दिया. हालांकि, भारत ने यह बार-बार स्पष्ट किया है कि उसके निशाने पर सिर्फ और सिर्फ आतंकवादी थे और इस सटीक कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया, जबकि नागरिकों को नुकसान पहुंचाने से बचा गया.