प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सेशेल्स को भारत में बना ‘फास्ट पेट्रोल वेसल’ (FPV) PS LESPWAR सौंपा. इसके साथ ही उन्होंने हिंद महासागर क्षेत्र में इस देश की समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने और आपसी रक्षा सहयोग को गहरा करने के भारत के संकल्प को दोहराया.
पीएम मोदी की सेशेल्स की आधिकारिक यात्रा के पहले दिन विक्टोरिया में सेशेल्स कोस्ट गार्ड बेस पर आयोजित समारोह में सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी को ये वेसल सौंपा गया. गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित इस खास पेट्रोल वेसल से सेशेल्स की समुद्री निगरानी और एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन (EEZ) में गश्त करने की क्षमता में काफी इजाफा होगा.
पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “सेशेल्स कोस्ट गार्ड को फास्ट पेट्रोल वेसल लेस्पवार सौंपना, रक्षा और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में भारत और सेशेल्स के बीच बढ़ती साझेदारी में अहम पड़ाव है.” उन्होंने कहा, “आइए हम सेशेल्स के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने का भरोसा रखें. एक ऐसा साझेदार जिस पर हम भरोसा कर सकते हैं और अपनी स्थायी दोस्ती को गहरा करने और अपनी सामूहिक समुद्री क्षमता को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करें.”
Mon’n pran par dan seremoni pour remet bato patrol rapid apele Lespwar, bann Lanbilans ek Veikil litilite pour Lafors Defans Sesel (SDF) kot baz Gard Lakot Sesel ansanm avek Prezidan, Dokter Patrick Herminie.@StateHouseSey pic.twitter.com/yosA6PJXdi
— Narendra Modi (@narendramodi) June 27, 2026
भारत ने सेशेल्स को क्या-क्या दिया?
पीएम मोदी ने सेशेल्स को पेट्रोल वेसल के अलावा 6 एम्बुलेंस, 10 यूटिलिटी गाड़ियां और 5 लेजर रेडियल नावें भी सौंपीं. विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार यह मदद इस द्वीपीय देश के विकास आपदा से निपटने और समुद्री सुरक्षा में और योगदान देगी. विदेश मंत्रालय ने बताया कि एक खास पहल के तहत पीएम मोदी ने ‘मेड इन इंडिया’ फास्ट पेट्रोल वेसल (FPV) PS LESPWAR राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी को सौंपा. यह FPV सेशेल्स की समुद्री निगरानी और EEZ पेट्रोलिंग क्षमताओं को मजबूत करने में योगदान देगा.
विदेश मंत्रालय ने आगे कहा कि भारत के विजन महासागर से प्रेरित होकर भारत और सेशेल्स अपनी मजबूत रक्षा साझेदारी को और बेहतर बना रहे हैं, जिससे हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा मिल रहा है. सेशेल्स के कोस्ट गार्ड को इस वेसल का सौंपा जाना दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा संबंधों को दर्शाता है और ये इस क्षेत्र में भरोसेमंद समुद्री सुरक्षा साझेदार के तौर पर भारत की भूमिका को उजागर करता है.
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