प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 दिन के दौरे के लिए इजरायल पहुंचे हुए हैं. इस दौरान जब उन्होंमने इजरायली संसद द नेसेट में प्रवेश किया तो पूरा सदन उत्साह से गूंज उठा. जैसे ही वे सभागार में पहुंचे, सभी सांसद अपनी सीटों से खड़े हो गए और तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका स्वागत किया. तालियां लगातार बजती रहीं और जब शोर कुछ क्षणों के लिए थमा तो सदन में मोदी-मोदी के नारे गूंजने लगे.
नेसेट के स्पीकर ने औपचारिक रूप से प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया, लेकिन उस दौरान भी तालियों की गूंज थमी नहीं. वहीं, जब इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू संसद भवन परिसर में पहुंचे तो बीबी-बीबी के नारों से माहौल गूंज उठा.
प्रधानमंत्री मोदी को मिला स्टैंडिंग ओवेशन
नेतन्याहू के संबोधन के दौरान इजरायल के विपक्ष के नेता सदन से बाहर चले गए थे, लेकिन जैसे ही प्रधानमंत्री मोदी ने अपना भाषण शुरू किया, विपक्ष के सांसद भी वापस अपनी सीटों पर आकर बैठ गए. इस स्थिति से साफ पता चलता है कि मोदी के संबोधन को लेकर सदन में व्यापक रुचि थी. प्रधानमंत्री मोदी को अपने भाषण के दौरान कई बार स्टैंडिंग ओवेशन मिला. सांसदों ने बार-बार खड़े होकर और तालियां बजाकर उनके विचारों का समर्थन किया. उनका भाषण समाप्त होते ही एक बार फिर पूरा सदन मोदी-मोदी के नारों से गूंज उठा.
प्रधानमंत्री मोदी ने स्पीकर से हाथ मिलाया
भाषण के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने स्पीकर से हाथ मिलाया और विपक्ष की ओर बढ़े. उन्होंने इजरायल के विपक्ष के नेता से भी मुलाकात की और हाथ मिलाकर बातचीत का मैसेज दिया. इसके बाद कई सांसद एक-एक कर उनके साथ तस्वीरें खिंचवाने लगे, जबकि कुछ सांसद सेल्फी लेते हुए भी नजर आए. कुल मिलाकर, नेसेट में प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत और उनके प्रति दिखाया गया सम्मान भारत और इजरायल के बीच मजबूत होते संबंधों का प्रतीक माना गया.