पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की तालिबान पर टिप्पणी को लेकर बवाल मचा है. खैबर पख्तूनख्वा विधानसभा में एक मंत्री ने उनकी आलोचना करते हुए उन्हें बेगैरत, बेहया और बेशर्म करार दिया. तालिबान संग रिश्ते की अहमयित बताते हुए उन्होंने कहा कि हम धर्म, दीन, परंपरा और यहां तक कि रीति-रिवाज सब कुछ हम उनके साथ साझा करते हैं. बता दें कि ख्वाजा आसिफ ने पाकिस्तानी सीमा पर झड़पों के बाद अफगानिस्तान को दुश्मन मुल्क कहा था.
खैबर पख्तूनख्वा के कृषि मंत्री रिटायर्ड मेजर सज्जाद बरकवाल ने विधानसभा में कहा कि ख्वाजा आसिफ ने एक बयान दिया है कि अफगानिस्तान हमारा दुश्मन मुल्क है. आप अंदाजा करें कि इतना बेशर्म, इतना बेगैरत, इतना बेहया इंसान हमने जिंदगी में नहीं देखा. जिस तरीके से ये रक्षा मंत्री बार-बार अजीबोगरीब किस्म के बयान देता रहता है. इसने पहले भी एक बयान दिया था इसी तरह का और एक पिछले दिनों फिर एक बयान दे दिया.
Pashtun Major Retired Sajjad insulted the Pakistan’s defense minister @KhawajaMAsif on the floor of the house. PoP Assembly.
14 October 2025
He said “Khwaja Asif Ne Afghanistan Ko Apna Dushman Mulk Kaha Hai, Ap Andaza Karin Etna Beghairat, Etna Besharam, Etna Behaya, Etna Behis… pic.twitter.com/QSSFZCGOwL
— Mir Yar Baloch (@miryar_baloch) October 14, 2025
ख्वाजा आसिफ पर जमकर बरसे सज्जाद बरकवाल
सज्जाद बरकवाल ने कहा कि क्या हम ये कह सकते हैं? क्या हम इसकी जुर्रत रख सकते हैं कि हम इस तरह की बात एक ऐसी पड़ोसी के बारे में कहें जो हमारी पड़ोसी मुल्क हो. हमारा रिवाज, हमारी संस्कृति, हमारी सकाफत, हमारा दीन, हमारा अकीदा सब में हमारी उनके साथ मुमासिलत हो और ये हैं कौन? वो भी पश्तून हैं यहां पर भी पश्तून हैं.
’46 साल से ये हमारे पीछे पड़े हुए हैं’
उन्होंने कहा कि आपने एक ऐसे पड़ोसी को दुश्मन कहना, जिसकी एक तारीख है हमारे साथ और इतनी कुर्बानियां हमने दीं. हम सुपर पॉवरों के साथ लड़ते रहे हैं और आज वो (ख्वाजा आसिफ) उसको (तालिबान को) कह रहा है कि ये यह (अफगानिस्तान) हमारा दुश्मन मुल्क है. जनाब स्पीकर, लोगों के साथ कमेटी में बैठकर अमन की बात करना, जिन्होंने 46 साल से इसी जंग को हवा दी है, 46 साल से ये हमारे पीछे पड़े हुए हैं और हमारी पश्तून कौम है. उसकी नस्लों को ये खत्म कर रहे हैं.
सज्जाद ने कहा कि 1979 में हमें बताया गया कि ये जिहाद है और अब ये हमें 2024-25 में कह रहे हैं कि ये तो दहशतगर्दी थी और हम तो डॉलर लेकर ये जंग करते थे. ये ख्वाजा आसिफ के रिकॉर्ड पर बयान है तो जनाब स्पीकर जब ये एजेंडे से हटकर बातें करेंगे तो इतनी बाते हैं कि ये उठ नहीं सकेंगे.
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