Teacher recruitment scam Job losing teachers meet Mamata Banerjee call Bengal CM assurances a lollipop


पश्चिम बंगाल में हुए शिक्षक भर्ती घोटाले को लेकर ममता सरकार चौतरफा घिरती जा रही है. इस घोटाले के चलते अपनी नौकरी गंवाने वाले टीचर्स ने सोमवार (7 अप्रैल, 2025) को कोलकाता में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की.

ममता बनर्जी से मुलाकात के बाद टीचर्स में काफी गुस्सा दिखा. उनका कहना है कि राज्य सरकार को इस पूरे मामले की जिम्मेदारी लेनी चाहिए. न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए सुमन बिश्वास (जिनकी नौकरी चली गई), उन्होंने कहा, ‘टीएमसी चीफ जो हमें ऑफर दे रही हैं वो बस लॉलीपॉप से ज्यादा कुछ नहीं है’. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि टीचर भर्ती घोटाले में राज्य की मुख्यमंत्री, उनकी कैबिनेट और कमीशन ये सभी लोग शामिल हैं.

‘CM ने लॉलीपॉप पकड़ा दिया’

उन्होंने कहा, ‘राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए. अन्य लोगों के साथ मुख्यमंत्री भी इस घोटाले में शामिल हैं. लोगों को नौकरी देने के बदले उनसे रिश्वत ली गई और अब आज हम लोगों को उन्होंने (ममता बनर्जी) ने लॉलीपॉप पकड़ा दिया’. उन्होंने आगे बताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि उनकी सरकार 25,000 लोगों को स्वैच्छिक नौकरी देगी और इस मामले को लेकर जांच करेंगे. सुमन बिश्वास ने कहा, ‘मैं पूरे देश के लोगों से अपील करता हूं कि वो लोग देखें कि आज पश्चिम बंगाल में क्या चल रहा है. ये खुदीराम का बंगाल है और हमें अच्छे से पता है कि इस सरकार और ममता बनर्जी के खिलाफ हमें कैसे लड़ना है. नौकरी हमारा अधिकार है’.

#WATCH | Kolkata | West Bengal CM Mamata Banerjee met the teachers who lost their jobs as the Supreme Court upholds Calcutta HC order to cancel the appointment of over 25,000 staff in Bengal schools by SSC

After meeting the CM, Suman Biswas says, “The state government should be… pic.twitter.com/Q3IWn98PfD

— ANI (@ANI) April 7, 2025

क्या है पूरा मामला

पश्चिम बंगाल में 25 हजार से ज्यादा शिक्षकों/गैर शिक्षकों की नौकरी रद्द करने के हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया है. इसके अलावा भी इस मामले को लेकर 120 से ज्यादा याचिकाएं दाखिल हुई थीं. हाई कोर्ट ने अपने फैसले में सभी नौकरियों को रद्द करते हुए इन लोगों से ब्याज समेत पूरा वेतन वसूलने के लिए कहा था. वहीं, इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि अब तक हुई जांच में जिन लोगों पर गलत तरीके अपनाने का आरोप पाया गया है उनके बारे में हाई कोर्ट का पूरा आदेश लागू होगा, लेकिन जो लोग विशेष तौर पर दागी नहीं पाए गए हैं, उन्हें वेतन लौटाने की जरूरत नहीं है.

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