असम की ब्लैक टी, कश्मीरी केसर से लेकर बंगाल का सिल्वर सेट तक… PM मोदी ने पुतिन को दिए ये गिफ्ट, PHOTOS


ब्रह्मपुत्र के उपजाऊ मैदानों में उगाई जाने वाली असम ब्लैक टी अपने तेज माल्टी स्वाद, चमकदार शराब और असमिका किस्म का इस्तेमाल करके पारंपरिक प्रोसेसिंग के लिए मशहूर है. असम की चाय को 2007 में GI टैग मिला, जिसके बाद यह दुनियाभर में पहचानी गई. यह जमीन, मौसम और कला से बनी एक समृद्ध विरासत को दिखाती है. असम की चाय अपनी सांस्कृतिक विरासत के अलावा, सेहत से जुड़े फायदों के लिए भी कीमती है, जिससे हर कप आरामदायक और सेहतमंद दोनों बनता है.

ब्रह्मपुत्र के उपजाऊ मैदानों में उगाई जाने वाली असम ब्लैक टी अपने तेज माल्टी स्वाद, चमकदार शराब और असमिका किस्म का इस्तेमाल करके पारंपरिक प्रोसेसिंग के लिए मशहूर है. असम की चाय को 2007 में GI टैग मिला, जिसके बाद यह दुनियाभर में पहचानी गई. यह जमीन, मौसम और कला से बनी एक समृद्ध विरासत को दिखाती है. असम की चाय अपनी सांस्कृतिक विरासत के अलावा, सेहत से जुड़े फायदों के लिए भी कीमती है, जिससे हर कप आरामदायक और सेहतमंद दोनों बनता है.

महाभारत का हिस्सा, श्रीमद् भगवद् गीता का अपना महत्व है. यह भगवान कृष्ण के गाइडेंस के बखूबी दिखाती है, जिसने अर्जुन को कर्तव्य निभाने में मदद की थी. इसका हमेशा रहने वाला ज्ञान नैतिक जीवन, मन पर कंट्रोल और मन की शांति के लिए प्रेरित करता है. इसके ट्रांसलेशन इसे दुनिया भर के मॉडर्न रीडर्स के लिए आसान बनाते हैं.

महाभारत का हिस्सा, श्रीमद् भगवद् गीता का अपना महत्व है. यह भगवान कृष्ण के गाइडेंस के बखूबी दिखाती है, जिसने अर्जुन को कर्तव्य निभाने में मदद की थी. इसका हमेशा रहने वाला ज्ञान नैतिक जीवन, मन पर कंट्रोल और मन की शांति के लिए प्रेरित करता है. इसके ट्रांसलेशन इसे दुनिया भर के मॉडर्न रीडर्स के लिए आसान बनाते हैं.

आगरा का यह हैंडमेड मार्बल चेस सेट बेहतरीन कारीगरी को काम की खूबसूरती के साथ मिलाता है, जो ODOP पहल के तहत इस क्षेत्र की पत्थर की जड़ाई की विरासत को दिखाता है. इसमें अलग-अलग जड़े हुए मोटिफ, अलग-अलग पत्थर के शतरंज के मोहरे और फूलों के डिजाइन से सजा चेकर मार्बल बोर्ड है, जो उत्तर भारतीय कलाकारी का उदाहरण है. मार्बल, लकड़ी और सेमी-प्रेशियस पत्थरों का मेल देखने में आकर्षक और छूने में अच्छा लगने वाला डेकोर और गेम पीस बनाता है.

आगरा का यह हैंडमेड मार्बल चेस सेट बेहतरीन कारीगरी को काम की खूबसूरती के साथ मिलाता है, जो ODOP पहल के तहत इस क्षेत्र की पत्थर की जड़ाई की विरासत को दिखाता है. इसमें अलग-अलग जड़े हुए मोटिफ, अलग-अलग पत्थर के शतरंज के मोहरे और फूलों के डिजाइन से सजा चेकर मार्बल बोर्ड है, जो उत्तर भारतीय कलाकारी का उदाहरण है. मार्बल, लकड़ी और सेमी-प्रेशियस पत्थरों का मेल देखने में आकर्षक और छूने में अच्छा लगने वाला डेकोर और गेम पीस बनाता है.

कश्मीरी केसर, जिसे लोकल लोग कोंग या जाफरान के नाम से जानते हैं. यह कश्मीर के ऊंचे इलाकों में उगाया जाता है. यह अपने गहरे रंग, खुशबू और स्वाद के लिए बहुत पसंद किया जाता है और इसका सांस्कृतिक और खाने-पीने में गहरा महत्व है. GI और ODOP पहचान से सुरक्षित, विरासत, पारंपरिक हाथ से कटाई और लोकल किसानों के लिए आर्थिक महत्व को दिखाता है. अपने हेल्थ बेनिफिट्स के लिए मशहूर, यह 'लाल सोना' प्रकृति, परंपरा और कारीगरी का मेल है.

कश्मीरी केसर, जिसे लोकल लोग कोंग या जाफरान के नाम से जानते हैं. यह कश्मीर के ऊंचे इलाकों में उगाया जाता है. यह अपने गहरे रंग, खुशबू और स्वाद के लिए बहुत पसंद किया जाता है और इसका सांस्कृतिक और खाने-पीने में गहरा महत्व है. GI और ODOP पहचान से सुरक्षित, विरासत, पारंपरिक हाथ से कटाई और लोकल किसानों के लिए आर्थिक महत्व को दिखाता है. अपने हेल्थ बेनिफिट्स के लिए मशहूर, यह ‘लाल सोना’ प्रकृति, परंपरा और कारीगरी का मेल है.

बारीक नक्काशी से बना सजावटी मुर्शिदाबाद चांदी का टी सेट, पश्चिम बंगाल की शानदार कलाकारी और भारत और रूस दोनों में चाय के गहरे सांस्कृतिक महत्व को दिखाता है. दोनों देशों में चाय को बहुत पसंद किया जाता है. भारत-रूस में चाय को लेकर जुड़ाव और साझा कहानियों का प्रतीक है. प्यार से तोहफे में दिया गया यह सेट भारत-रूस की हमेशा रहने वाली दोस्ती और चाय के हमेशा रहने वाले रिवाज़ का जश्न मनाता है.

बारीक नक्काशी से बना सजावटी मुर्शिदाबाद चांदी का टी सेट, पश्चिम बंगाल की शानदार कलाकारी और भारत और रूस दोनों में चाय के गहरे सांस्कृतिक महत्व को दिखाता है. दोनों देशों में चाय को बहुत पसंद किया जाता है. भारत-रूस में चाय को लेकर जुड़ाव और साझा कहानियों का प्रतीक है. प्यार से तोहफे में दिया गया यह सेट भारत-रूस की हमेशा रहने वाली दोस्ती और चाय के हमेशा रहने वाले रिवाज़ का जश्न मनाता है.

PM मोदी ने पुतिन को महाराष्ट्र का हाथ से बना सिल्वर हॉर्स भी दिया है. इस पर बारीक डिटेलिंग की गई है. यह भारत की मेटल क्राफ्ट परंपराओं की खूबसूरती दिखाता है. भारतीय और रूसी दोनों संस्कृतियों में मनाई जाने वाली गरिमा और बहादुरी का प्रतीक है, यह साझा विरासत और आपसी सम्मान को दिखाता है. इस घोड़े का संतुलित, आगे बढ़ने वाला रुख भारत-रूस की स्थायी और हमेशा आगे बढ़ती साझेदारी का एक उदाहरण है.

PM मोदी ने पुतिन को महाराष्ट्र का हाथ से बना सिल्वर हॉर्स भी दिया है. इस पर बारीक डिटेलिंग की गई है. यह भारत की मेटल क्राफ्ट परंपराओं की खूबसूरती दिखाता है. भारतीय और रूसी दोनों संस्कृतियों में मनाई जाने वाली गरिमा और बहादुरी का प्रतीक है, यह साझा विरासत और आपसी सम्मान को दिखाता है. इस घोड़े का संतुलित, आगे बढ़ने वाला रुख भारत-रूस की स्थायी और हमेशा आगे बढ़ती साझेदारी का एक उदाहरण है.

Published at : 05 Dec 2025 09:08 PM (IST)

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