ईरान के ठिकानों पर यूएस के ताजा हमलों से मिडिल ईस्ट में फिर भड़की चिंगारी, कूदा चीन, यूएस की दी ये नसीहत


अमेरिका की ओर से फिर से ईरान पर किए गए हमले के बाद मिडिल ईस्ट एक बार फिर बड़े संकट में फंस गया है. यूएस सेंट्रल कमांड ने कहा है कि 10 जून को ईरान में कई ठिकानों पर आत्मरक्षा में हमले किए गए. इसके जवाब में ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कोर (IRGC) ने कहा कि उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों को निशाना बनाया है. इस बीच चीन के विदेश मंत्रालय ने इस क्षेत्र में सभी सैन्य कार्रवाइयों को तुरंत रोकने और बातचीत की मेज पर लौटने अपील की है.

तुरंत रोकें सैन्य हमले: चीन

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा, ‘चीन सभी जुड़े हुए देशों से अपील करता है कि वे तुरंत सैन्य हमले रोकें. सभी देश बातचीत के रास्ते पर वापस आएं और दूसरे देशों की ओर से किए जा रहे शांति प्रयासों का सम्मान करें. जल्द से जल्द एक मजबूत और लंबे समय तक चलने वाले सीजफायर पर सहमति बनाएं.’

अमेरिका की ईरान को चेतावनी

संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर एक बार फिर से हमले शुरू कर द‍िए हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने चेतावनी दी है कि अगर तेहरान वॉशिंगटन के साथ परमाणु समझौते पर सहमत नहीं होता, तो उस पर सैन्य दबाव और बढ़ाया जाएगा. अमेर‍िकी सैन्य कार्रवाई बुधवार को शाम 5:15 बजे शुरू की गई. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप के निर्देश पर ईरान में कई ठिकानों पर ‘आत्मरक्षा’ में हमले किए गए.

अमेरिकी रक्षा मंत्री हेगसेथ ने कहा, ‘आज रात सेंट्रल कमांड काफी व्यस्त रहने वाला है, क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि हम ईरान पर घातक हमला करेंगे और हम ऐसा करेंगे. ईरान के पास एक अच्छा, बल्कि बहुत अच्छा समझौता करने का मौका है, जिससे वे उन बातों को आधिकारिक रूप दे सकते हैं, जिन्हें करने की बात वे पहले से कहते रहे हैं, लेकिन अब तक उन्होंने ऐसा नहीं किया है.

ईरान ने वार्ता को आगे नहीं बढ़ाया: चीन

व्हाइट हाउस में ट्रंप ने कहा कि कई महीनों की बातचीत के बावजूद ईरान ने वार्ता को आगे नहीं बढ़ाया. उन्होंने ने कहा, ‘मैं कई महीनों से ईरान के साथ काम कर रहा हूं और उन्हें इस समझौते पर हस्ताक्षर कर देने चाहिए. यह एक अच्छा समझौता है. यह उन्हें परमाणु हथियार रखने का अधिकार नहीं देता है. असल में, यह उन्हें कभी भी परमाणु हथियार रखने से पूरी तरह रोकता है. ये नए हमले उस घटना के बाद हुए जब सोमवार को ईरान ने ओमान के पास अमेरिकी सेना के एक एएच-64 अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया था.’

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