वेनेजुएला में मिलिट्री ऑपरेशन के कुछ दिनों बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा को धमकी दी है. ट्रंप ने रविवार (11 जनवरी, 2025) को क्यूबा को सुझाव देते हुए कहा कि उन्हें अमेरिका के साथ डील कर लेनी चाहिए, कहीं बहुत ज्यादा देर ना हो जाए. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि वरना क्यूबा का तेल और फंड रोक दिया जाएगा.
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, ‘क्यूबा को अब न तो तेल जाएगा और न ही पैसा- शून्य! मैं उन्हें सलाह देता हूं कि वे बहुत देर होने से पहले एक डील साइन कर लें.’
ट्रंप ने लिखा, ‘क्यूबा कई सालों तक वेनेजुएला से मिलने वाले भारी मात्रा में तेल और फंड पर निर्भर रहा. बदले में, क्यूबा ने वेनेजुएला के पिछले दो तानाशाहों को ‘सुरक्षा सेवाएं’ प्रदान कीं, लेकिन अब और नहीं.’ अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले सप्ताह अमेरिका के हमले में ज्यादातर क्यूबा के लोग मारे गए हैं और वेनेजुएला को अब उन गुंडों और जबरन वसूली करने वालों से सुरक्षा की आवश्यकता नहीं है जिन्होंने उन्हें इतने वर्षों तक बंधक बनाकर रखा था.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे लिखा, ‘वेनेजुएला के पास अब संयुक्त राज्य अमेरिका है, जो विश्व की सबसे शक्तिशाली सेना है, जो उनकी रक्षा करेगी और हम उनकी रक्षा करेंगे. क्यूबा को अब और तेल या धन नहीं भेजा जाएगा- शून्य! मेरा सुझाव है कि वे बहुत देर होने से पहले एक समझौता कर लें.’
वेनेजुएला पर कार्रवाई से भड़के क्यूबा के राष्ट्रपति
क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज़-कैनेल ने शनिवार (10 जनवरी, 2025) को हवाना में अमेरिकी दूतावास के सामने हजारों लोगों के साथ रैली में वेनेजुएला पर हमला करने और उसके राष्ट्रपति को पकड़ने के लिए अमेरिका की निंदा की. कैनेल ने कहा, ‘क्यूबा इन कार्रवाइयों की निंदा करता है और इन्हें राज्य आतंकवाद का कृत्य मानता है.’
उन्होंने आगे कहा, ‘यह अंतरराष्ट्रीय कानून के मानदंडों का एक चौंकाने वाला उल्लंघन है- एक शांतिपूर्ण राष्ट्र के खिलाफ सैन्य आक्रामकता जो संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए कोई खतरा नहीं है.’
बता दें कि वेनेजुएला, क्यूबा को करीब 30 फीसदी तेल आपूर्ति करता है, जिसके बदले में उसे क्यूबाई चिकित्सा कर्मी मिलते हैं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि तेल का नुकसान क्यूबा के पहले से ही कमजोर बिजली ग्रिड और ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक विनाशकारी झटका होगा.
मादुरो को पत्नी समेत अमेरिका ने किया गिरफ्तार
अमेरिका ने बीती तीन जनवरी को वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई की और वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनकी पत्नी के साथ गिरफ़्तार कर लिया. अमेरिका ने कहा कि ये कार्रवाई नशीले पदार्थों की तस्करी के ख़िलाफ थी और उनके खिलाफ न्यूयॉर्क की अदालत में मुकदमा चलाया जा रहा है. बता दें कि वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा कच्चे तेल का भंडार है, जोकि करीब 300 अरब बैरल का है.