ट्रंप को जिसका डर था वही हुआ, स्पीकर रोकते रह गए, लेकिन पास हो गया US प्रेसिडेंट के खिलाफ प्रस्ताव


ईरान युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका लगा है. अमेरिकी संसद ने युद्ध शक्तियों से जुड़ा एक प्रस्ताव पारित किया है, जिसका मकसद ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को सीमित करना है. यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए एक राजनीतिक चुनौती माना जा रहा है, क्योंकि इसमें कुछ रिपब्लिकन सांसदों ने डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर समर्थन दिया.

4 रिपब्लिकन सांसदों ने भी दिया झटका

ईरान के साथ जारी संघर्ष से निपटने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तरीके को लेकर रिपब्लिकन पार्टी के सांसद ही चिंतित दिखाई दे रहे हैं. ईरान युद्ध को रोकने वाले प्रस्ताव को पारित करने के लिए 4 रिपब्लिकन सांसद भी डेमोक्रेट सांसदों के साथ शामिल हो गए.

प्रस्ताव हुआ पास

यह प्रस्ताव 215-208 मतों से पारित हुआ. किसी भी डेमोक्रेट ने प्रस्ताव के खिलाफ मतदान नहीं किया. हालांकि इसके आगे का रास्ता अभी साफ नहीं है. सदन के अध्यक्ष माइक जॉनसन ने इसे रोकने की कोशिश की थी, लेकिन लगातार चल रहे संघर्ष और बढ़ते विरोध के बीच यह प्रस्ताव आगे बढ़ गया. सफल वोटिंग के बावजूद इसे व्हाइट हाउस में चुनौती का सामना करना पड़ेगा, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति के पास इस विधेयक को रोकने की वीटो शक्ति है.

राष्ट्रपति ट्रंप के इस प्रस्ताव को अस्वीकार करने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन सदन में इसके पारित होने को उनकी युद्ध नीति के खिलाफ एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है.

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक,  इस प्रस्ताव के स्पॉन्सर प्रतिनिधि ग्रेगरी मीक्स ने वोटिंग के बाद एक बयान में कहा, ‘ प्रस्ताव का पारित होना एक महत्वपूर्ण मोड़ का संकेत है, ज्यादा से ज्यादा रिपब्लिकन अपने मतदाताओं की बात सुन रहे हैं, जो मिडिल ईस्ट में एक और अनिश्चितकालीन युद्ध नहीं चाहते हैं.

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विधेयक दोनों सदनों से पारित होना जरूरी

इस विधेयक को प्रभावी होने के लिए सीनेट और हाउस दोनों से पारित होना जरूरी है, लेकिन रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जून में युद्ध के चौथे महीने में प्रवेश करने के साथ ही राष्ट्रपति की शक्तियों को सीमित करने के लिए दो विरोधी राजनीतिक पार्टियों के नेताओ का एक साथ मिलकर (सहमत होकर) किया गया एक अनोखा प्रयास है.

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