दिल्ली की तीसहजारी कोर्ट में रिश्वतखोरी का खेल! बेल कराने के नाम पर 20 हजार लेते CBI ने रीडर को दबोचा


राजधानी दिल्ली की तीसहजारी कोर्ट से रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है. CBI ने कोर्ट में तैनात एक रीडर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान संजीव सदाना के रूप में हुई है, जो ASJ-02 के रीडर के तौर पर काम कर रहा था. CBI के मुताबिक, आरोपी ने एक महिला शिकायतकर्ता से उसके क्लाइंट की बेल एप्लिकेशन मंजूर कराने में मदद करने के बदले 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी. शिकायत मिलने के बाद CBI ने मामले की जांच शुरू की और जाल बिछाया.

23 अप्रैल 2026 को CBI टीम ने ट्रैप लगाया. इसी दौरान आरोपी संजीव सदाना शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये की पहली किस्त लेते हुए पकड़ा गया. टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया. CBI के मुताबिक आरोपी बेल आवेदन पास कराने के नाम पर पैसे मांग रहा था. शिकायत मिलने के बाद CBI ने पूरी प्लानिंग के साथ कार्रवाई की और रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. अब CBI ये पता लगाने में जुटी है कि आरोपी पहले भी इस तरह के मामलों में शामिल था या नही. फिलहाल मामले की आगे जांच जारी है.

जनवरी में सीबीआई ने बेंगलुरु में की थी बड़ी कार्रवाई

सीबीआई ने बेंगलुरु में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सेंट्रल पावर रिसर्च स्टूडेंट (CPRI) के जॉइंट डायरेक्टर राजाराम मोहनराव चेन्नु और मेसर्स सुधीर ग्रुप ऑफ कंपनीज के डायरेक्टर अतुल खन्ना को रिश्वत लेते हुए पकड़ा. दोनों पर आरोप है कि वे इलेक्ट्रिकल इक्यूपमेंट की टेस्टिंग रिपोर्ट में फेवर देने के बदले मोटी रिश्वत ले रहे थे.

सीबीआई ने बताया था कि 08 जनवरी 2026 को इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी. शिकायत में आरोप था कि CPRI के जॉइंट डायरेक्टर और कुछ निजी लोग निजी कंपनी को इलेक्ट्रिकल इक्यूपमेंट की फेवरेबल टेस्टिंग रिपोर्ट्स देने के बदले रिश्वत ले रहे हैं. ये रिश्वत मेसर्स सुधीर ग्रुप ऑफ कंपनीज की ओर से दी जा रही थी.

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