बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सलाहकार जाहिद उर रहमान को दिल्ली में एंट्री नहीं दिया गया, उन्हें इमिग्रेशन अथॉरिटी ने एयरपोर्ट पर रोक दिया. बीते दिनों उन्होंने लगातार भारत विरोधी बयान दिए थे, जिस वजह से वो वॉचलिस्ट में रखे गए थे. हालांकि इमीग्रेशन अथॉरिटी ने उनके द्वारा पहले दिए गए बयानों के वेरिफिकेशन के लिए उनको रोका था. थोड़ी देर बाद इमीग्रेशन अथॉरिटी ने जाहिद उर रहमान को भारत में एंट्री की इजाजत दे दी, लेकिन फिर तारिक रहमान के सलाहकार ने कोलंबो के रास्ते ढ़ाका वापस लौटने का फैसला किया.
जाहिद उर रहमान इंडियन ओसियन रिम एसोसिएशन की 28वीं बैठक में हिस्सा लेने बांग्लादेशी डेलीगेशन के साथ दिल्ली आ रहे थे. डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के सलाहकार को दिल्ली एयरपोर्ट पर रोके जाने के बाद बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने भारत के डिप्टी हाई कमिश्नर को तलब किया. हालांकि इसे लेकर अब तक बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय या भारत के विदेश मंत्रालय की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि बांग्लादेशी सलाहकार राजनयिक पासपोर्ट के बजाय सार्क स्टिकर वाले सामान्य हरे पासपोर्ट पर यात्रा कर रहे थे. यह घटना ऐसे समय में घटी है जब मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान द्विपक्षीय संबंध काफी खराब हो गए थे और अब धीरे-धीरे दोनों देशों रिश्ते पटरी पर आने लगे हैं.
कौन हैं जाहिद उर रहमान?
बांग्लादेश के एक जाने-माने डॉक्टर, कॉलमनिस्ट और राजनीतिक विश्लेषक हैं. वह तारिक रहमान की नई सरकार के सबसे प्रमुख और चर्चित चेहरों में से एक हैं. जब शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम बनी थी, तब उन्हें इलेक्शन रिफॉर्म्स कमीशन का सदस्य भी बनाया गया था. वह अपने यूट्यूब और फेसबुक चैनलों और अखबारों के माध्यम से बांग्लादेश को लेकर भारत की नीति की कड़ी आलोचना करते रहे हैं.
ये भी पढ़ें : TMC Crisis: क्या TMC के बागी सांसद एक्शन से बच पाएंगे? मर्जर दावे के बीच एंटी-डिफेक्शन कानून पर छिड़ी बहस