ईरान के होर्मुज स्ट्रेट से फिर से कच्चे तेल और गैस के जहाजों का आवागमन शुरू हो गया है. इसी के मद्देनजर पिछले 72 घंटों में भारत और दूसरे देशों के झंडे वाले 9 जहाजों ने होर्मुज स्ट्रेट को पार किया है, और इनमें से 7 जहाज माल लेकर भारत की ओर आ रहे हैं.
28 फरवरी 2026 को अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से शनिवार (27 जून, 2026) तक भारत के लिए सामान ले जाने वाले 44 जहाज इस अहम समुद्री रास्ते से गुजर चुके हैं. जंग खत्म होने के बाद गुजर रहे 9 जहाजों में से 4 पर भारत का झंडा लगा है और 5 पर दूसरे देशों का झंडा लगा है.
बता दें कि फारस की खाड़ी में भारत से जुड़े 15 और जहाज सुरक्षित रास्ते का इंतजार कर रहे हैं, जिनमें भारत के झंडे वाले 10 जहाज शामिल हैं. टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक इनमें से 4 जहाजों में फर्टिलाइजर (खाद) लदी है और 1 एनर्जी कार्गो जहाज है. जानकारी के मुताबिक भारत के झंडे वाला बल्क कैरियर APJ प्रीति 2, जिसमें 65,000 टन फर्टिलाइजर लदा था वो शनिवार को होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर गया है.
पश्चिम एशिया में फिर तनाव
एक दिन पहले दो और जहाज देश सुरक्षा, जिसमें एक लाख टन से ज़्यादा कच्चा तेल था और प्रभु पार्वती, जिसमें 18,732 टन कार्गो लदा था दोनों इस समुद्री रास्ते से गुजरे हैं. इस बीच गुरुवार को होर्मुज में एक जहाज पर हुए हमले के बाद अमेरिका ने फिर से ईरान पर हमला किया, जिसके चलते शनिवार को पश्चिम एशिया में तनाव फिर बढ़ गया है.
अबतक कितने जहाज गुजरे?
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 1 मार्च से 17 जून के बीच सिर्फ 19 जहाज गुजरे, लेकिन 17 जून को ईरान और अमेरिका के बीच MoU पर साइन होने के बाद से भारत आने वाले जहाजों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है. जहाजों की आवाजाही पर नजर रखने वाले लोगों ने बताया कि 1 मार्च से अब तक होर्मुज से 15 बल्क कैरियर जहाज गुजरे हैं, जिनमें 13 LPG कैरियर, 11 कच्चे तेल के टैंकर और 2 LNG कैरियर शामिल हैं.
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