‘भारत के साथ सैन्य संघर्ष में हस्तक्षेप के लिए पाकिस्तान ट्रंप का सदा आभारी रहेगा’, बोले PAK पीएम शहबाज शरीफ


पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि भारत के साथ सैन्य संघर्ष को खत्म कराने में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समय पर हस्तक्षेप के लिए पाकिस्तान सदा आभारी रहेगा. अमेरिकी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के अवसर पर गुरुवार (4 जून, 2026) को अमेरिकी दूतावास द्वारा आयोजित एक स्वागत समारोह में शहबाज ने पाकिस्तान-अमेरिका संबंधों को लगभग आठ दशकों से जारी सच्चा और खास रिश्ता बताया.

पिछले साल जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिनों तक चले सैन्य संघर्ष का जिक्र करते हुए शहबाज शरीफ ने कहा कि ट्रंप के हस्तक्षेप ने संघर्ष समाप्त करने में अहम भूमिका निभाई.

उन्होंने दावा किया, ‘पिछले साल पहलगाम हमले के बाद आतंकी ठिकानों पर भारत की एयर स्ट्राइक के बाद शुरू हुए संघर्ष पर ट्रंप ने समय रहते और निर्णायक हस्तक्षेप किया जिसके कारण 10 मई, 2025 को पाकिस्तान और भारत के बीच सैन्य संघर्ष थमा.’ शहबाज ने कहा, ‘दक्षिण एशिया में शांति बहाल करने और लाखों लोगों की जान बचाने के लिए हम राष्ट्रपति ट्रंप के सदा आभारी रहेंगे. इस संदर्भ में उन्हें हमेशा शांतिप्रिय व्यक्ति के रूप में याद किया जाएगा.’

पहलगाम हमले के बाद भारत ने पिछले साल सात मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था जिसका निशाना पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचे थे. ट्रंप ने बार-बार दावा किया है कि उन्होंने सैन्य संघर्ष के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच शांति स्थापित करने में मदद की. हालांकि, भारत लगातार यह कहता रहा है कि समझौता दोनों देशों के बीच सीधे तौर पर हुआ था और उसने तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के दावों को खारिज कर दिया है.

शहबाज ने ट्रंप की अद्वितीय नेतृत्व शैली की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने वॉशिंगटन की अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों और अपने हितों की रक्षा में ऊर्जा और दृढ़ संकल्प का संचार किया है. प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके साहसी और दूरदर्शी नेतृत्व में अमेरिका शांति, प्रगति और समृद्धि को आगे बढ़ाते हुए विश्वास और गतिशीलता को प्रेरित करता रहता है.

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द्विपक्षीय संबंधों के इतिहास को याद करते हुए शहबाज शरीफ ने उल्लेख किया कि 1947 में पाकिस्तान के निर्माण के बाद उसे मान्यता देने वाले पहले देशों में अमेरिका भी शामिल था. उन्होंने सुरक्षा, व्यापार, निवेश, कृषि, विज्ञान, शिक्षा, स्वास्थ्य और ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग पर भी प्रकाश डाला.

उन्होंने कहा, ‘हमारा रिश्ता सच्चा और खास है, जो लगभग आठ दशकों से चला आ रहा है और इसमें न सिर्फ सुरक्षा और आतंकवाद-विरोधी गतिविधियों में सहयोग शामिल है, बल्कि व्यापार, निवेश, कृषि, विज्ञान, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा और जन-जन आदान-प्रदान में भी समान रूप से सहयोग शामिल है.’

क्षेत्रीय कूटनीति पर शहबाज ने दावा किया कि पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच संपर्क स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और उन्होंने शांति प्रयासों में योगदान के लिए सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को धन्यवाद दिया.

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