‘मुझे अब भी यकीन नहीं हो रहा…’, ग्रीनलैंड को सैन्य कार्रवाई के बाद US में मिलाएंगे ट्रंप? इटली PM मेलोनी ने दिया ये जवाब


अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप किसी भी कीमत पर ग्रीनलैंड पर कब्जा चाहते हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका ग्रीनलैंड को हासिल करेगा, चाहे यूरोपीय देश चाहें या न चाहें. ट्रंप ने आगे कहा कि अगर अमेरिका ने ऐसा नहीं किया तो रूस या चीन वहां अपना प्रभाव बढ़ा सकते हैं और हम रूस या चीन को अपना पड़ोसी नहीं बनने देंगे. ट्रंप की ग्रीनलैंड को लेकर नई नीति पर इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का रिएक्शन सामने आया है.

मेलोनी ने कहा कि उन्हें विश्वास नहीं है कि अमेरिका ग्रीनलैंड पर नियंत्रण हासिल करने के लिए सैन्य बल का सहारा लेगा और उन्होंने अमेरिकी सुरक्षा चिंताओं को दूर करने के लिए आर्कटिक क्षेत्र में नाटो की मजबूत भूमिका का आग्रह किया.

ग्रीनलैंड में सैन्य कार्रवाई किसी के हित में नहीं: मेलोनी

एपी के मुताबिक, मेलोनी ने कहा कि ग्रीनलैंड में सैन्य कार्रवाई का उपयोग किसी के भी हित में नहीं होगा और नाटो के लिए इसके गंभीर परिणाम होंगे. उन्होंने कहा, ‘मुझे अब भी इस बात पर यकीन नहीं है कि अमेरिका ग्रीनलैंड पर नियंत्रण पाने के लिए सैन्य कार्रवाई शुरू करेगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि इटली इस तरह के कदम का समर्थन नहीं करेगा.

व्हाइट हाउस ने मंगलवार को कहा कि अमेरिकी प्रशासन उन ‘विकल्पों’ पर विचार कर रहा है जिनमें रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण और खनिज-समृद्ध द्वीप पर नियंत्रण हासिल करने के लिए सैन्य कार्रवाई शामिल हो सकती है, जो नाटो सहयोगी डेनमार्क का एक हिस्सा है.

ग्रीनलैंड पर ट्रंप के कब्जे की धमकी पर क्या बोलीं जॉर्जिया मेलोनी?

मेलोनी ने कहा, ‘मुझे लगता है कि ट्रंप प्रशासन, अपने कुछ हद तक आक्रामक तरीकों से, मुख्य रूप से अपनी सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड और आर्कटिक क्षेत्र के रणनीतिक महत्व पर ध्यान केंद्रित कर रहा है. यह एक ऐसा क्षेत्र है जहां कई विदेशी ताकतें सक्रिय हैं और मेरा मानना ​​है कि अमेरिका का संदेश यही है कि वह विदेशी शक्तियों की किसी भी कार्रवाई को स्वीकार नहीं करेगा.’

US राष्ट्रपति की करीबी नेताओं में शामिल हैं मेलोनी

इटली की प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्र में नाटो की मजबूत उपस्थिति से विरोधी ताकतों द्वारा क्षेत्र में प्रभाव हासिल करने के बारे में अमेरिका की चिंताओं को दूर करने में मदद मिलेगी. मेलोनी को यूरोप में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सबसे करीबी सहयोगियों में से एक माना जाता है, जो अमेरिका और यूरोपीय संघ के अकसर परस्पर विरोधी हितों के बीच मध्यस्थ के रूप में कार्य करने की कोशिश कर रहे हैं.

ट्रंप ने पहले कार्यकाल में बनाया था प्लान
 
ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल से ही डेनमार्क से ग्रीनलैंड खरीदने का विचार रखा है, लेकिन वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद उन्होंने रणनीतिक कारणों का हवाला देते हुए ग्रीनलैंड पर अमेरिका के कब्ज़े की मांग को फिर से उठाया है.

ट्रंप के विरोध में उतरे ब्रिटेन-फ्रांस

ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, पोलैंड और स्पेन के नेताओं ने डेनमार्क के साथ मिलकर ग्रीनलैंड की संप्रभुता का बचाव किया है. ग्रीनलैंड पर डेनमार्क के अधिकार को अमेरिका ने 20वीं सदी में मान्यता दी थी. 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *