दिल्ली के लाल किला के सामने हुए कार ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ा खुलासा करते हुए उमर के अहम साथी अमीर राशिद अली को दिल्ली से गिरफ्तार किया है. एनआईए को जांच में पता चला है कि इस आत्मघाती हमले में इस्तेमाल की गई कार i-20 अमीर राशिद के नाम पर ही रजिस्टर्ड है, जिसके बाद एजेंसी ने ये कार्रवाई की है.
केंद्रीय जांच एजेंसी ने अमीर की मुख्य भूमिका को उजागर किया है. जांच में खुलासा हुआ है कि अमीर दिल्ली कार खरीदने और सुसाइड बॉम्बर को सपोर्ट करने आया था. इससे पहले फॉरेंसिक रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि कार चलाने वाला मृत ड्राइवर उमर उन नबी ही था. वो पुलवामा का रहने वाला था और अल-फलाह यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर था.
कहां का रहने वाला था अमीर
अमीर राशिद कश्मीर के संबूरा, पंपोर का रहने वाला है. उसने आत्मघाती हमलावर उमर उन नबी के साथ मिलकर प्लान तैयार किया था. अमीर कुछ दिन पहले ही दिल्ली आया था ताकि कार खरीदने में मदद कर सके, जिसे बाद में IED लगाकर उस i-20 कार को उड़ाया गया.
NIA के पास और क्या सबूत?
NIA ने उमर की एक और कार भी जब्त की है. इसमें अहम डिजिटल सबूत के साथ कुछ जरूरी चीजें बरामद की गई हैं. यानी साफ है कि दिल्ली हादसे में 13 निर्दोषों की जान जाना, 25 से ज्यादा लोगों के घायल होने वाली घटना कोई आम घटना नहीं है. यह गहरी साजिश की ओर भी इशारा करती है.
73 गवाहों से पूछताछ कर चुकी है NIA
इधर, NIA लगातार मामले में जांच कर रही है. अबतक 73 गवाहों से पूछताछ की जा चुकी है. इसमें घायलों के बयान भी दर्ज किए गए हैं. जांच अबतक कई देशों और राज्यों तक फैल रही है. दिल्ली पुलिस, J&K पुलिस, हरियाणा और यूपी पुलिस के साथ NIA की मल्टी एजेंसी कोऑर्डिनेशन भी तेज हो गई है. जांच टीम बड़े मॉड्यूल का पर्दाफाश करने और हमले के मास्टरमाइंड की तलाश में कई राज्यों में छापेमारी कर रही है. इस केस में कई अंतरराज्यीय नेटवर्क और विदेशी कनेक्शन मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है.
10 नवंबर को हुआ था ब्लास्ट
बता दें कि बीते 10 नवंबर को दिल्ली में लाल किला के सामने अचानक एक कार में ब्लास्ट हो गया था. गाड़ी आई-20 कार थी. इस हादसे में 13 लोगों की मौत हुई थी. सरकार ने इसे आतंकी हमला माना है. जांच एजेंसियों ने देश में फैल रहे व्हाइट टेरर ग्रुप का पर्दाफाश किया था.