लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के साथ घंटों चली बैठक के बाद टीएमसी के बागी सांसदों ने बड़ा फैसला लिया है. रविवार को टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि लोकसभा में टीएमसी के 20 बागी सांसद नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी में शामिल होंगे. साथ ही सत्ताधारी एनडीए गठबंधन को अपना समर्थन देने जा रहे हैं. पश्चिम बंगाल की राजनीति में लगातार ऊथल पुथल के बीच बड़ी खबर निकलकर सामने आई है.
#WATCH | Delhi: After meeting Lok Sabha Speaker Om Birla, Rebel TMC MP Kakoli Ghosh Dastidar says, “We, the twenty MPs elected from the AITC, met the Speaker and submitted a letter requesting to sit separately; these twenty MPs constitute more than two-thirds of our total… https://t.co/9rbLSAmmwQ pic.twitter.com/XIOlUMGSsY
— ANI (@ANI) June 14, 2026
काकोली घोष दस्तीदार के अलावा टीएमसी के एक और बागी सांसद सुदीप बंदोपाध्याय ने संकेत दिया है कि उनका गुट टीएमसी नाम के लिए कानूनी रास्ता अपनाएगा. उन्होंने कहा है कि हम नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी में शामिल हो गए हैं. यह एक राजनीतिक पार्टी है. यह एक मान्यता प्राप्त क्षेत्रीय दल है. हमने इसमें विलय कर लिया है. कोर्ट ही तय करेगा कि असली टीएमसी कौनसी है.
अभिषेक बनर्जी ने स्पीकर से किया ये आग्रह
इधर, अभिषेक बनर्जी ने स्पीकर को लिखे लेटर में आग्रह किया था कि वे पार्टी के किसी भी अलग गुट को मान्यता न दें. टीएमसी एक एकल दल है. यह अविभाज्य राजनीतिक दल है. लोकसभा में विधायी दल का अस्तित्व उसी राजनीतिक दल से आता है. वह उसी का एक हिस्सा है.
बदल जाएगा संसदीय गणित, अगर…
इधर, अगर स्पीकर इस विलय को मंजूरी देते हैं, तो यह टीएमसी के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका होगा. इससे लोकसभा में पार्टी की ताकत घटकर 20 की संख्या तक रह जाएगी. साथ ही विपक्ष का पार्लियामेंट का अर्थमैटिक बदल सकता है. 1998 में ममता बनर्जी ने टीएमसी की स्थापना की थी. अब तीन दशक बाद यह एक सबसे बड़ी टूट होगी.
लोकसभा स्पीकर से मिलने पहुंचे टीएमसी के बागी सांसद, ओम बिरला से की आवास पर मुलाकात