हमास से आर-पार के मूड में नेतन्याहू! इजरायल ने अब इस देश पर कर दी एयरस्ट्राइक; 13 लोगों की मौत



दक्षिणी लेबनान में एक फिलिस्तीनी शरणार्थी कैंप के पास इजरायल के हवाई हमले में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई है. देश के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है. इजरायल ने दावा किया कि उसका निशाना हमास के सदस्य थे, जबकि हमास ने इन आरोपों को ‘झूठ और गढ़ी हुई कहानी’ बताया है.

इजरायल का दावा- ‘हमास के ट्रेनिंग कैंप को बनाया निशाना’
इजरायली सेना (IDF) ने कहा कि उसने ऐन अल-हिलवे (Ein el-Hilweh) इलाके में मौजूद हमास के एक ‘ट्रेनिंग कंपाउंड’ को निशाना बनाया. उनके मुताबिक, यह स्थान इजरायल पर हमले की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था. हमास ने जवाब में कहा कि यह दावा पूरी तरह ‘मनगढ़ंत’ है और फिलिस्तीनी कैंपों में उनके किसी भी तरह के सैन्य ठिकाने नहीं हैं.

घायलों का इलाज जारी, कैंप में अफरा-तफरी
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि मरने वालों के अलावा कम से कम 4 लोग घायल हुए हैं. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में देखा गया कि ऐन अल-हिलवे कैंप की तंग गलियों से एंबुलेंस तेजी से गुजर रही थीं और इलाके से धुएं का बड़ा गुबार उठ रहा था. रिपोर्टों के अनुसार हमला एक मस्जिद के बाहर वाले हिस्से में हुआ, जहां आमतौर पर रात के समय काफी भीड़ रहती है.

हमास ने लगाया क्या आरोप?
हमास ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि इजरायल ने जिस जगह को निशाना बनाया, वह असल में एक ‘खुला खेल का मैदान’ था, न कि कोई सैन्य ठिकाना. IDF का कहना है कि उसने हमले से पहले नागरिकों को नुकसान से बचाने के लिए ‘सटीक हथियारों, हवाई निगरानी और अतिरिक्त खुफिया जानकारी’ का इस्तेमाल किया.

2023 से इजरायल-हमास-हिज्बुल्लाह संघर्ष तेज
7 अक्टूबर 2023 को हमास ने गाजा से दक्षिणी इजरायल पर हमला किया था, जिसमें 1,200 लोग मारे गए और 251 लोगों को बंधक बना लिया गया. गाजा के हमास-प्रशासित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इसके बाद इजरायल की जवाबी कार्रवाई में गाजा में अब तक 69,169 फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है . हमास के हमले के अगले दिन लेबनान स्थित ईरान समर्थित संगठन हिज्बुल्लाह ने इजरायल पर रॉकेट दागे. इसके बाद दोनों के बीच 13 महीनों तक संघर्ष चलता रहा, जो अक्टूबर 2024 में इजरायल की भारी बमबारी और जमीनी कार्रवाई के साथ और तेज हो गया.

लेबनान में भारी जनहानि
लेबनानी अधिकारियों का कहना है कि इस संघर्ष में देश में लगभग 4,000 लोगों की मौत हुई, जिनमें बड़ी संख्या में नागरिक शामिल थे. इसके अलावा 12 लाख से ज्यादा लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए. इजरायल का दावा है कि उसकी तरफ से 80 सैनिक और 47 नागरिक इन हमलों में मारे गए.



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