राहुल गांधी की बैठक में नहीं पहुंचे शशि थरूर, लगातार तीसरी बार कांग्रेस मीटिंग से गायब; पुतिन के डिनर में हुए थे शामिल


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

कांग्रेस सांसद शशि थरूर शुक्रवार (12 दिसंबर, 2025) को राहुल गांधी की अध्यक्षता में हुई पार्टी की लोकसभा सांसदों की बैठक में शामिल नहीं हुए. थरूर की प्रमुख बैठकों से बार-बार गैरहाजिरी को लेकर पार्टी के अंदर अब सवाल उठने लगे हैं. हालांकि, शशि थरूर ने बैठक से अपनी अनुपस्थिति को लेकर पहले ही नेतृत्व को जानकारी दे दी थी, लेकिन कांग्रेस के चीफ व्हिप का कहना है कि उन्हें उनकी अनुपस्थिति के कारण के बारे में कोई जानकारी नहीं है.

तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर पहले भी कई बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ कर चुके हैं, जिसको लेकर भी उन पर सवाल उठे हैं. अब वो कांग्रेस की औपचारिक बैठकों से भी शामिल नहीं हो रहे हैं, ऐसे में सवाल उठने लाजिमी हैं. 

मनीष तिवारी भी बैठक से रहे गायब

लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी की अध्यक्षता में हुई इस प्रमुख बैठक से न सिर्फ सांसद शशि थरूर गायब रहे, बल्कि चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी भी गैरहाजिर रहे. उनके सार्वजनिक कार्यक्रम सूची के मुताबिक, सांसद शशि थरूर गुरुवार (11 दिसंबर, 2025) की रात कोलकाता में प्रभा खैतान फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में शामिल थे. ऐसे में यह कहा जा सकता है कि थरूर लोकसभा सांसदों के हुई बैठक में समय पर दिल्ली लौट नहीं सके.

शशि थरूर की बैठक से गैरहाजिरी उस समय हुई, जब कुछ दिन पहले ही उन्होंने यह सफाई दी थी कि वे 30 नवबंर, 2025 को कांग्रेस की रणनीतिक समूह की बैठक से जानबूझकर अनुपस्थित नहीं थे. उन्होंने 1 दिसंबर, 2025 को कहा था जब वह मीटिंग हो रही थी तब वे फ्लाइट में थे. उन्होंने कहा था, “मैंने बैठक नहीं छोड़ी, मैं केरल से वापस आ रहा था, फ्लाइट में था.”

बैठकों से थरूर की गैरहाजिरी बन रही चर्चा का विषय

पार्टी की प्रमुख बैठकों से शशि थरूर की गैरहाजिरी ने कई तरह की चर्चाओं को हवा दे दी है. सांसद शशि थरूर एसआईआर के मुद्दे पर हुई चर्चा में भी शामिल नहीं हुए थे, तब उन्होंने इसके लिए अपने खराब स्वास्थ्य का हवाला दिया था. हालांकि, कांग्रेस के कुछ नेताओं में बढ़ती अनुपस्थितियों को लेकर असहजता बनी हुई है. इसके पीछे एक कारण यह भी है कि थरूर ही एकमात्र कांग्रेस नेता थे, जिन्हें राष्ट्रपति की ओर से आयोजित रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सम्मान में दिए गए राज्य भोज में आमंत्रित किया गया था. 

यह भी पढ़ेंः संसद में राहुल गांधी ने प्रदूषण का मुद्दा उठाया, कहा- ‘सत्ता पक्ष और विपक्ष मिलकर काम कर सकते हैं’, किरेन रिजिजू ने दिया यह जवाब



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *