US-Israel Iran War: ईरान में शनिवार को अमेरिका और इजरायल के हमलों ने भारी तबाही मचाई. इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर समेत कई बड़े अधिकारी मारे गए हैं. ईरान ने भी जवाबी हमले किए हैं, लेकिन सुप्रीम लीडर के मारे जाने को देश के लिए एक बहुत बड़ी क्षति माना जा रहा है, जिसकी भरपाई संभव नहीं होगी. विश्लेषकों का कहना है कि इस हमले में ईरान को धोखा देकर निशाना बनाया गया, जैसे पिछली बार हुआ था.
ईरान पर हमला कैसे हुआ
अमेरिका ने बातचीत के दौरान ईरान को उलझाया और अचानक इजरायल के साथ मिलकर हमला किया. अब सवाल यह उठता है कि क्या ईरान के दोस्त देशों ने उसका साथ छोड़ दिया और उसे अकेले ही अमेरिका और इजरायल से लड़ना पड़ेगा. अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से ईरान पहले से ही दुनिया से अलग-थलग रहा है. उसके कुछ प्रमुख दोस्त देशों में रूस और चीन को शामिल किया जाता है, लेकिन सुप्रीम लीडर पर हुए हमले के समय ये दोनों देश ईरान की रक्षा या बचाव में सक्षम नहीं थे.
ईरान को समर्थन किस-किस से मिला
इजरायल के खिलाफ युद्ध में ईरान के प्रॉक्सी ने कार्रवाई के लिए बयान जारी किए हैं, लेकिन हाल के नुकसान के बाद नेटवर्क की एकजुटता और असर पर सवाल उठ रहे हैं. हूती ने रेड सी पर कुछ हमले किए और इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया संगठनों ने अमेरिकी बेस पर ड्रोन दागे. रूस और चीन ने फिलहाल ईरान को कोई सीधी सैन्य मदद नहीं दी, केवल कूटनीतिक समर्थन किया. उन्होंने हमलों की निंदा की, तत्काल युद्धविराम की मांग की और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में चर्चा शुरू करवाने का प्रयास किया.
इस्लामिक देशों का रुख
हमले से पहले GCC मेंबर देशों ने कहा था कि वे अपना एयरस्पेस ईरान पर हमले के लिए नहीं देंगे. लेकिन शनिवार को देखा गया कि अमेरिका और इजरायल ने अरेबियन सी के साथ-साथ जॉर्डन, इराक और सीरिया का एयरस्पेस इस्तेमाल किया. सऊदी अरब, बहरीन और कतर के बेस पर अमेरिकी जहाजों की गतिविधि भी नोट की गई. ओमान ने कूटनीतिक समाधान की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो सकी.
ईरान के दुश्मन देश
ईरान के सबसे बड़े दुश्मन अमेरिका और इजरायल हैं. इसके अलावा यूरोपीय देश भी ईरान को सीधे समर्थन नहीं देते. मध्य पूर्व में सऊदी अरब और UAE के साथ ईरान का वैचारिक और राजनीतिक तनाव रहता है.
इजरायल को मिला इन देशों से समर्थन
इजरायल को इस युद्ध में हर बार की तरह अमेरिका ने समर्थन दिया. वहीं जॉर्डन, UAE और सऊदी अरब के रुख पर सवाल उठाए जा रहे हैं.