इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रमुख स्पोक्सपर्सन ब्रिगेडियर जनरल अली मोहम्मद नैनी की मौत हो गई है. ईरान पर हुए हमलों में नैनी मारे गए. IRGC के सभी आधिकारिक बयान और प्रोपगैंडा नैनी की मंजूरी के बाद ही जारी किए जाते थे. उन्हें IRGC की साइकोलॉजिकल वॉरफेयर और पब्लिक रिलेशंस टीम का प्रमुख माना जाता था.
मौत से ठीक पहले, सेमी-ऑफिशियल तस्नीम न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में नैनी ने कहा था, ‘क्या ट्रंप ने नहीं कहा था कि ईरान की नेवी डिस्ट्रॉय हो गई है? अगर ऐसा है तो वो अपनी हिम्मत दिखाए और पर्शियन गल्फ में अपने जहाज भेजे.’ उन्होंने यह भी दोहराया कि युद्ध के बावजूद ईरान मिसाइल प्रोडक्शन जारी रखे हुए है और कोई बड़ी कमी नहीं है.
US-इजरायल के साथ 6 महीने जंग लड़ने का किया था दावा
नैनी हाल ही में कई बार मीडिया में आए थे. उन्होंने दावा किया था कि ईरान अमेरिका और इजरायल के साथ ‘हाई-इंटेंसिटी’ युद्ध कम से कम 6 महीने तक लड़ सकता है. उन्होंने कहा था कि ईरान ने अब तक सिर्फ पुरानी पीढ़ी की मिसाइलें इस्तेमाल की हैं, नई और एडवांस्ड मिसाइलें अभी बची हैं, जो जल्द इस्तेमाल होंगी. उनके बयानों से ईरान की ‘अजेय; इमेज बनाने की कोशिश की जाती थी. IRGC के कई प्रेस रिलीज, टीवी इंटरव्यू और सोशल मीडिया पोस्ट्स में नैनी का नाम प्रमुखता से आता था.
दुश्मन के लिए ‘सरप्राइज’ तैयार कर रहे थे नैनी
हाल ही में नैनी ने कहा था कि मिसाइल फील्ड में ‘बिल्कुल कोई चिंता नहीं’ है, स्टॉक में कोई बड़ी कमी नहीं है और प्रोडक्शन ‘आश्चर्यजनक’ स्तर पर जारी है. उन्होंने ईरानी कैलेंडर साल 1404 (2025-2026) में मिसाइल इंडस्ट्री को ‘परफेक्ट स्कोर 20/20’ दिया, यानी पूरी तरह सफल बताया था.
नैनी ने आगे कहा कि ईरान के दुश्मनों के लिए ‘सरप्राइज’ तैयार हैं. जितना युद्ध आगे बढ़ेगा, उतना ही जटिल और अनएक्सपेक्टेड डेवलपमेंट्स होंगे. उन्होंने दावा किया कि अभी तक सिर्फ पुरानी पीढ़ी की मिसाइलें इस्तेमाल हुई हैं, नई और एडवांस्ड मिसाइलें अभी बची हैं. IRGC पहले भी कह चुका है कि ईरान हाई-इंटेंसिटी युद्ध कम से कम 6 महीने तक लड़ सकता है.