ईरान जंग को लेकर अब तक संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे पाकिस्तान ने अपना असली चेहरा दिखा दिया है. पाकिस्तान ने कहा है कि अगर संघर्ष बढ़ता है तो वह डिफेंस पैक्ट के तहत सऊदी अरब का साथ देगा. साथ ही, सऊदी ठिकानों पर हमलों को लेकर पाकिस्तान ने ईरान की कड़ी आलोचना भी की है.
हमलों पर जताई कड़ी आपत्ति
मंगलवार को पाकिस्तान ने सऊदी अरब के ऊर्जा ठिकानों पर हुए ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों की निंदा की. विदेश कार्यालय ने इसे “गंभीर और खतरनाक स्थिति” बताया, जो क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा है. सरकार ने कहा कि ईरान द्वारा सऊदी अरब के पूर्वी इलाके में किए गए हमलों को लेकर उसे गहरी चिंता है और वह इसकी स्पष्ट आलोचना करता है.
संप्रभुता पर हमला बताया
विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को सऊदी अरब की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन बताया. बयान में कहा गया कि ऐसे हमले पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा सकते हैं. साथ ही पाकिस्तान ने सऊदी अरब की सुरक्षा के प्रति अपने मजबूत समर्थन को दोहराया.
Spoke with my dear brother, HRH Prince Mohammed bin Salman,Crown Prince & Prime Minister of the Kingdom of Saudi Arabia, and conveyed Pakistan’s unwavering solidarity with the Kingdom of Saudi Arabia. Condemned today’s attack on the Al Jubeil oil facility. We stand shoulder to…
— Shehbaz Sharif (@CMShehbaz) April 7, 2026
लगातार हमलों से बढ़ा तनाव
जानकारी के मुताबिक, 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई के बाद से सऊदी अरब पर ईरान की ओर से सैकड़ों मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए हैं. हालांकि, इनमें से अधिकतर हमलों को समय रहते रोक लिया गया.
जुबैल में पेट्रोकेमिकल प्लांट पर हमला
रात के हमलों में सऊदी अरब के पूर्वी शहर जुबैल के बड़े औद्योगिक क्षेत्र को निशाना बनाया गया. सूत्रों के अनुसार, इस हमले में SABIC के पेट्रोकेमिकल प्लांट में आग लग गई और तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं. जुबैल दुनिया के प्रमुख औद्योगिक शहरों में गिना जाता है, जहां स्टील, पेट्रोकेमिकल्स, गैसोलीन, लुब्रिकेंट्स और उर्वरक का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है.
कर्मचारियों को सुरक्षित निकाला गया
हमले के बाद फैक्ट्री और आसपास के इलाकों में मौजूद कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया. बढ़ते खतरे को देखते हुए बहरीन, सऊदी अरब और यूएई ने एक साथ सुरक्षा अलर्ट जारी किया. सावधानी के तौर पर सऊदी अरब और बहरीन को जोड़ने वाला पुल कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया.