IPL सट्टेबाजी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है. असम से लेकर दिल्ली तक कई जगहों पर देर रात छापेमारी की गई. ED की गुवाहाटी जोनल ऑफिस की टीम ने 26 मई की रात गुवाहाटी, तिनसुकिया और दिल्ली के कई ठिकानों पर एक साथ रेड की. यह कार्रवाई पूरी रात चली, जिससे सट्टेबाजी से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया. ED की यह जांच IPL क्रिकेट सट्टेबाजी और उससे कमाए गए काले धन को सफेद बनाने के आरोपों से जुड़ी हुई है. एजेंसी ने यह मामला गुवाहाटी क्राइम ब्रांच में दर्ज FIR के आधार पर शुरू किया था. इस केस में दीपेश बजोरिया, रोनक बजोरिया, राजेश जैन और अन्य लोगों के खिलाफ IPC और Assam Game and Betting Act, 1970 के तहत मामला दर्ज किया गया था.
ED ने 30 मार्च 2026 को अपनी ECIR में तिनसुकिया पुलिस स्टेशन में दर्ज दो और FIR को शामिल किया. इन मामलों में बिकाश बेरिया, नितिन बेरिया, सुप्रित बिस्वास और अन्य लोगों के नाम सामने आए थे. ED का कहना है कि ये सभी मामले एक बड़े सट्टा नेटवर्क से जुड़े हुए हैं. जांच एजेंसी के मुताबिक आरोपी एक संगठित और तकनीक आधारित बेटिंग नेटवर्क चला रहे थे. IPL मैचों पर सट्टा मोबाइल फोन के जरिए लगाया जाता था और हिसाब-किताब भी ऑनलाइन किया जाता था. इसके लिए व्हाट्सएप, टेलीग्राम और इंस्टाग्राम जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जा रहा था. साथ ही विदेशी ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म का भी उपयोग होने की बात सामने आई
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ED का बड़ा दावा
ED का दावा है कि सट्टे का पैसा नकद और डिजिटल दोनों तरीकों से लिया और भेजा जाता था. UPI और बैंक ट्रांसफर के जरिए रकम को अलग-अलग खातों और करीबी लोगों के नेटवर्क में घुमाया जाता था ताकि उसे कानूनी कमाई की तरह दिखाया जा सके. जिन लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की गई, उनमें दीपेश बजोरिया, रोनक बजोरिया, राजेश जैन, विकास अग्रवाल, सुप्रित बिस्वास, बिकाश बेरिया, नितिन बेरिया और दुर्गा प्रसाद बेरिया के घर शामिल हैं. इसके अलावा गुवाहाटी में रॉयसी नाम के एक कमर्शियल प्रतिष्ठान पर भी रेड की गई. बताया गया कि यह जगह पहले प्लेबॉय नाम से चलती थी.
ED को कई अहम डिजिटल सबूत मिले
छापेमारी के दौरान ED को कई अहम डिजिटल सबूत मिले हैं. एजेंसी ने मोबाइल फोन और कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए हैं. इन डिवाइसों में बेटिंग ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड, सट्टेबाजों और सब-एजेंट्स के बीच कोड वर्ड में हुई बातचीत, पैसों के लेन-देन की डिजिटल जानकारी और काले धन के मूवमेंट से जुड़े डेटा मिले हैं. फिलहाल इन रिकॉर्ड की फॉरेंसिक जांच की जा रही है. ED की कार्रवाई में 13 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं, जिसे एजेंसी ने बेहिसाबी रकम बताया है. इसके साथ ही तीन लग्जरी गाड़ियां भी जब्त की गई हैं. इनमें Mercedes-Benz, MG Hector और Toyota Fortuner शामिल हैं. ED को शक है कि ये गाड़ियां सट्टेबाजी से कमाए गए पैसों से खरीदी गई थीं.
IPL सट्टेबाजी में बैंक खाते का इस्तेमाल
जांच के दौरान कई ऐसे बैंक खाते भी सामने आए जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर IPL सट्टेबाजी के पैसों को इधर-उधर भेजने में किया जा रहा था. ED ने आगे लेन-देन रोकने के लिए इन खातों को फ्रीज कर दिया है. फिलहाल ED की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं.
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