एलियन ने धरती पर भेजी सेना! अंधेरे में छिपकर कर रहा इंसानों की जासूसी, वैज्ञानिकों की चेतावनी से हड़कंप


बीते कई सालों से इस सौरमंडल में एलियन की मौजूदगी को लेकर कई बड़े-बड़े दावे किए गए हैं. हालांकि अभी तक ये एक अनसुलझा सवाल बना हुआ है. सोलर सिस्टम में अब तक किसी एलियन या उड़ने वाली तश्तरियों (UFO) का कोई प्रमाण तो नहीं मिला है, लेकिन वैज्ञानिक ये मानते हैं कि हमारे सौरमंडल में जीवन मौजूद हो सकता है. इसे लेकर एस्ट्रोनॉमर टी जोसेफ डब्यू लाजियो ने एक स्टडी किया है. उनका कहना है कि पक्के तौर ये नहीं कहा जा सकता है कि क्या किसी दूसरी सभ्यता ने हमारे सौरमंडल में अपने जासूसी रोबोट भेजे हैं या नहीं.

एस्ट्रोनॉमर टी जोसेफ डब्यू लाजियो के मुताबिक, इंसान के पास अभी ऐसी एडवांस टेक्नोलॉजी नहीं है कि वह सौरमंडल पर नजर रख सके. उन्होंने कहा कि इंसान ने अभी तक अपने सोलर सिस्टम के बहुत ही छोटे हिस्से को करीब से देखा है. उन्होंने कहा कि दूसरी सभ्यता की ओर से भेजे गए जासूस हमारे आस-पास कहीं भी हो सकते हैं, बस हम उन्हें ढूंढ़ नहीं पाए हैं.

क्या हमारे सौरमंडल में एलियंस हैं?

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक एस्ट्रोनॉमर टी जोसेफ ने बताया कि एलियन के जासूस के बारे में यह विचार उतना अजीब या काल्पनिक नहीं है, जितना सुनने में लगता है. उन्होंने कहा, ‘इंसान ने खुद अब तक पांच अंतरिक्ष यान भेजे हैं, जो आगे चलकर हमारे सोलर सिस्टम से बाहर निकल जाएंगे. इनके नाम पायनियर 10 और 11, वॉयेजर 1 और 2, न्यू होराइजंस हैं. इससे ये साबित होता है कि अगर कोई सभ्यता तकनीकी रूप से काफी एडवांस हो तो वह अंतरिक्ष में ऐसे यान भेज सकता है, जो एक सौरमंडल से दूसरे सौरमंडल तक जा सकें.’

रिसर्च के अनुसार, एलियंस के जासूस या उनकी तकनीक हमारे सौरमंडल में चार तरीकों से हो सकती है. पहला- अंतरिक्ष में बिना किसी सिग्नल के बस तैरते हुए प्रोब्स. दूसरी- एक्टिव यान जो आज भी काम कर रहे हैं वो डेटा इकट्ठा कर रहे हैं. तीसरा- ग्रहों या चांद की सतह पर क्रैश या लैंड हुई पुरानी मशीनें. ग्रहों की सतह पर बने उनके ऑटोमैटिक बेस.

असली और नकली में फर्क करना मुश्किल क्यों है?

वैज्ञानिकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती अंतरिक्ष में किसी एस्टेरॉयड और एलियन की मशीन में फर्क करना है. साल 2020 में साइंटिस्ट को अंतरिक्ष में एक रहस्यमयी चीज दिखी थी. पहले उसे एक एस्टेरॉयड (चट्टान) माना गया, लेकिन बाद में पता चला कि वह 1966 में नासा की ओर से लॉन्च किए गए पुराने रॉकेट का कचरा था. ऐसा ही कुछ साल 2017 में भी हुआ था जब ओमुआमुआ (Oumuamua) नाम का एक ऑब्जेक्ट हमारे सौरमंडल में आया था. वैज्ञानिक इस बात पर बहस कर रहे हैं कि वह कोई अजीब प्राकृतिक चट्टान थी या एलियंस का कोई खोजी यान.

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