United nations declared Gaza is hungriest place on earth all people face famine israel attack on hamas war


United Nations: मिडिल ईस्ट में इजरायल और हमास के बीच हो रहे युद्ध का असर गाजा के एक-एक व्यक्ति पर पड़ने लगा है. संयुक्त राष्ट्र ने घोषणा की है कि गाजा अब धरती का एकमात्र ऐसा स्थान है जहां हर एक व्यक्ति (100 फीसदी) अकाल के खतरे में है. संयुक्त राष्ट्र मानवीय सहायता एजेंसी OCHA के प्रवक्ता जेन्स लाएर्के ने शुक्रवार (30 मई 2025) को कहा गाजा धरती का एक ऐसा स्थान है जहां सभी लोग भूखे हैं.

भूखे लोगों की भीड़ ने की तोड़फोड़

गाजा के दक्षिणी शहर राफा में मंगलवार (27 मई 2025) को खाना लेने पहुंचे लोगों में भगदड़ मच गई. यहां भूखे लोगों की भीड़ ने खूब तोड़फोड़ की. अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक यह भगदड़ इजरायली सैनिकों के हवा में फायर करने के बाद मची. यहां लोगों को खाना मुहैया कराने के लिए फूड सेंटर शुरू किए जा रहे हैं.

इजरायल ने 29 मई 2025 को कहा कि उसने गाजा में दर्जनों आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया. स्थानीय डॉक्टर्स ने बताया कि इस हमले में कम से कम 44 लोग मारे गए. इस घटना के दौरान कथित तौर पर दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई.

इजरायली सेना ने की फायरिंग

रफा में अमेरिका और इजरायल के समर्थन से एक फूड सेंटर (GHF) खोला गया जहां इस सप्ताह के शुरुआत में हजारों लोग गेट पर पहुंचे. इस दौरान यहां इजरायल की ओर से की गई फायरिंग में कथित तौर पर 50 लोगों को गोली लगी. संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इजरायली सेना ने हवा में चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाई थी.

गाजा में संयुक्त राष्ट्र मानवीय कार्यालय के प्रमुख जोनाथन व्हिटल ने कहा कि जीएचएफ का मॉडल इस क्षेत्र में अकाल को और बढ़ावा दे रहा है. इससे यहां रह रहे 2.1 मिलियन लोगों की जरूरतें पूरी नहीं हो सकती है. बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल ने 2 मार्च को गाजा पर पूर्ण नाकाबंदी कर दी थी और दो सप्ताह बाद सैन्य अभियान फिर से शुरू कर दिया था.

सीजफायर को लेकर जारी है बातचीत

गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इस युद्ध में अभी तक 54,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं. हमास और इजरायल के बीच नए सीजफायर के बीच बातचीत जारी है. व्हाइट हाउस ने गुरुवार (29 मई 2025) को कहा कि इजरायल ने हमास को दिए गए नए प्रस्ताव का समर्थन किया है, लेकिन हमास ने इसे अस्वीकार दिया. रिपोर्ट के मुताबिक इस समझौते में 60 दिन का सीजफायर और बंधकों की चरणबद्ध रिहाई शामिल थी. हालांकि, हमास ने कहा कि प्रस्ताव में स्थायी सीजफायर और सभी सैनिकों की वापसी का आश्वासन नहीं था.



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