‘देश का Gen Z संविधान बचाएगा,’ राहुल गांधी ने वोट चोरी के आरोपों पर खेला ‘नेपाल वाला दांव’


कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी ने कथित ‘वोट चोरी’ के खिलाफ अपनी मुहिम को जारी रखते हुए गुरुवार (18 सिंतबर,2025) को मतदाता सूचियों से ‘कांग्रेस समर्थक मतदाताओं’ के नाम हटाए जाने का विषय उठाया और आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ‘लोकतंत्र की हत्या करने वालों’ तथा ‘वोट चोरों’ की रक्षा कर रहे हैं.

राहुल गांधी ने देर शाम एक्स पर एक पोस्ट भी लिखी जिसमें उन्होंने कहा कि देश के युवा और Gen-Z संविधान बचाएंगे. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने लिखा-‘देश के Yuva, देश के Students, देश की Gen Z संविधान को बचाएंगे, लोकतंत्र की रक्षा करेंगे और वोट चोरी को रोकेंगे. मैं उनके साथ हमेशा खड़ा हूं. जय हिंद!’



इससे पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कांग्रेस मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ में मीडिया से बातचीत में कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को ‘बहाने बनाना’ बंद करके कर्नाटक की सीआईडी को ‘वोट चोरी’ का सबूत सौंपना चाहिए. निर्वाचन आयोग ने उनके आरोपों को गलत और निराधार करार दिया.

बीजेपी का पलटवार
सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने दावा किया कि राहुल गांधी द्वारा संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ बार-बार लगाए गए आरोप भारतीय लोकतंत्र में उनके और कांग्रेस के अविश्वास को दर्शाते हैं तथा वे घुसपैठिए को बचाने की राजनीति करते हैं.  गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ के आरोप को भी ‘झूठा विमर्श’ करार दिया और कहा कि ‘उन्होंने (कांग्रेस नेताओं ने) पहले भी इसी तरह की रणनीति अपनाई थी जब उन्होंने आरोप लगाया था कि हम अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण खत्म करना चाहते हैं, जबकि ऐसा कुछ नहीं हुआ.’

अनुराग ठाकुर ने भी साधा निशाना
बीजेपी नेता अनुराग ठाकुर ने कहा कि ‘घुसपैठिए प्रथम की राजनीति’ राहुल गांधी का एकमात्र एजेंडा है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के हितों की बात कर सकते हैं, लेकिन निर्वाचन आयोग द्वारा कराई जा रही मतदाता सूची की समीक्षा का विरोध करके अवैध मतदाताओं को बचाने की उनकी कोशिश इन समुदायों के हितों को नुकसान पहुंचाएगी.

राहुल गांधी ने किया क्या दावा?
इससे पहले राहुल गांधी ने कर्नाटक के विधानसभा क्षेत्र अलंद के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि चुनाव से पहले कांग्रेस समर्थकों के वोट व्यवस्थित तरीके से हटाए गए. इस पर आयोग ने कहा, ‘राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोप गलत और निराधार हैं. किसी भी वोट को ऑनलाइन किसी भी व्यक्ति द्वारा हटाया नहीं जा सकता, जैसा कि गांधी ने गलत धारणा बनाई है.’





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