Hyderabad Congress: हैदराबाद में कांग्रेस समीक्षा बैठक के दौरान भिड़े दो नेता, गांधी भवन में मचा हंगामा


हैदराबाद के गांधी भवन में उस समय तनाव फैल गया, जब कांग्रेस के दो नेताओं के बीच हुई तीखी बहस ने पार्टी की समीक्षा बैठक में खलल डाल दिया और वरिष्ठ नेताओं तथा कार्यकर्ताओं के सामने एक शर्मनाक स्थिति पैदा कर दी. बैठक के दौरान जो बात महज़ ज़ुबानी कहा-सुनी से शुरू हुई थी, वह जल्द ही हाथापाई में बदल गई, जिसके बाद कई पार्टी सदस्यों को बैठक हॉल के अंदर व्यवस्था बहाल करने की कोशिश में बीच-बचाव करना पड़ा. यह घटना एक निर्धारित ज़िला-स्तरीय समीक्षा सत्र के दौरान हुई, जिसमें मंत्री पोनम प्रभाकर और मंत्री मोहम्मद अज़हरुद्दीन सहित कांग्रेस के कई अहम नेता शामिल थे; साथ ही, अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों से आए पार्टी कार्यकर्ता भी वहाँ मौजूद थे.

बैठक में मौजूद लोगों के अनुसार, यह विवाद कथित तौर पर मंत्री नेताओं के पास बैठने की व्यवस्था को लेकर शुरू हुआ था, जिसके चलते फ़िरोज़ खान और कारवां निर्वाचन क्षेत्र के प्रभारी उस्मान अल-हज़री के बीच तीखी नोकझोंक हुई. प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि दोनों पक्षों के बीच ज़ोरदार बहस होने के कारण कुछ ही मिनटों में माहौल गरमा गया और स्थिति हाथापाई तक पहुँच गई. इस झड़प के दौरान, उस्मान ने कथित तौर पर फ़िरोज़ खान को धक्का दे दिया, जिससे उनका संतुलन बिगड़ गया और वे हॉल में जमा पार्टी कार्यकर्ताओं के सामने ज़मीन पर गिर पड़े. इस अचानक हुई हाथापाई से बैठक में मौजूद कई लोग हक्के-बक्के रह गए और पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई, क्योंकि दोनों पक्षों के समर्थक एक-दूसरे से भिड़ने की कोशिश करने लगे.

वरिष्ठ नेताओं ने स्थिति को शांत करने की कोशिश

कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने स्थिति को शांत करने और दोनों गुटों को अलग करने के लिए तुरंत हस्तक्षेप किया, लेकिन बताया जाता है कि सामान्य स्थिति बहाल होने से पहले यह बहस कई मिनटों तक जारी रही. बैठक में मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं ने वहाँ के माहौल को बेहद तनावपूर्ण बताया; ज़ोरदार चीख-पुकार और अफरा-तफरी के कारण समीक्षा चर्चाओं में कुछ समय के लिए रुकावट भी आई. हालाँकि किसी के गंभीर रूप से घायल होने की कोई ख़बर नहीं है, लेकिन इस सार्वजनिक झड़प ने राज्य में होने वाली अहम राजनीतिक गतिविधियों से ठीक पहले, स्थानीय नेताओं के बीच बढ़ते गुटबाज़ी के मतभेदों और आंतरिक असंतोष को लेकर राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है.

ये भी पढ़ें: Weather Forecast: उत्तर भारत में भीषण गर्मी के बीच जल्द मिलेगी राहत, IMD ने जारी किया बारिश और आंधी का अलर्ट

कांग्रेस मुख्यालय के भीतर  झगड़ा

यह घटना इसलिए भी चर्चा का विषय बन गई है, क्योंकि यह कांग्रेस मुख्यालय के भीतर, एक आधिकारिक संगठनात्मक बैठक के दौरान हुई थी जिसका मुख्य उद्देश्य ज़िला-स्तरीय नेताओं के बीच आपसी तालमेल को मज़बूत करना था. राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं से पार्टी की सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है, विशेष रूप से ऐसे समय में जब पार्टी का नेतृत्व पूरे तेलंगाना में एकता और अनुशासन का संदेश देने की कोशिश कर रहा है. उम्मीद की जा रही है कि वरिष्ठ नेता इस मामले की आंतरिक समीक्षा करेंगे, ताकि भविष्य में होने वाले पार्टी कार्यक्रमों के दौरान इस तरह की झड़पों को रोका जा सके.

झड़प को बताया पारिवारिक मामला

फ़िरोज़ खान ने गांधी भवन में हुई झड़प को पारिवारिक मामला बताया कि गांधी भवन में हुई कहा-सुनी पर प्रतिक्रिया देते हुए, फ़िरोज़ खान ने इस घटना को मंत्री के पास बैठने की व्यवस्था को लेकर हुई एक छोटी-सी गलतफ़हमी बताया. उन्होंने कहा कि हर कोई मंत्री के बगल में बैठना चाहता था, और यह भी स्पष्ट किया कि उस्मान अल-हज़री उनके लिए बड़े भाई जैसे हैं.

ये भी पढ़ें: ‘सिर्फ दस्तावेजों से नहीं चलेगा काम’, बॉर्डर पर बढ़ी भीड़, बंगाल में BJP सरकार के बाद खौफ में बाग्लादेशी- ग्राउंड रिपोर्ट



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *