कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से हटने के एक दिन बाद सिद्धारमैया दिल्ली पहुंचे, जहां उन्होंने डीके शिवकुमार के साथ कांग्रेस नेतृत्व से मुलाकात की. अब पार्टी का पूरा ध्यान नए मुख्यमंत्री और नई सरकार के गठन पर है. दिल्ली में दोनों नेताओं ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की. इस दौरान नई कैबिनेट, राज्यसभा चुनाव और सिद्धारमैया की आगे की भूमिका पर चर्चा हुई. कांग्रेस कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन के बाद संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रही है.
सूत्रों के अनुसार, सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद पर काम करने का मौका देने के लिए राहुल गांधी का धन्यवाद किया. उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. खबर है कि सिद्धारमैया फिलहाल राष्ट्रीय राजनीति में जाने के बजाय कर्नाटक की राजनीति में ही सक्रिय रहना चाहते हैं. दिल्ली की बैठकों में कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे, केजे जॉर्ज और सिद्धारमैया के बेटे तथा एमएलसी यतींद्र सिद्धारमैया भी मौजूद रहे.
सिद्धारमैया के लिए डीके शिवकुमार का भावुक संदेश
सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद डीके शिवकुमार ने एक भावुक संदेश जारी किया. उन्होंने सिद्धारमैया के राजनीतिक सफर और राज्य के लिए उनके योगदान की तारीफ की. शिवकुमार ने कहा कि सिद्धारमैया की जिंदगी यह दिखाती है कि मेहनत और समर्पण से बड़ा राजनीतिक सफर तय किया जा सकता है. उन्होंने कहा, ‘भगवान सिर्फ मौके देते हैं, असली बात यह है कि हम उन मौकों का इस्तेमाल कैसे करते हैं.’ उन्होंने यह भी कहा कि वह कर्नाटक के लोगों के लिए मिलकर काम करने को तैयार हैं.
कर्नाटक में आगे क्या होगा?
अब कांग्रेस विधायक दल (CLP) की बैठक जल्द होने वाली है, जिसमें नए नेता का चुनाव किया जाएगा. पार्टी हाईकमान इसके लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक भी नियुक्त कर सकता है. नई सरकार बनने की प्रक्रिया में चुना गया नेता राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करेगा. इसके बाद बहुमत की पुष्टि होने पर मुख्यमंत्री को शपथ दिलाई जाएगी. कांग्रेस विधायक दल की बैठक शनिवार शाम 4 बजे होगी. डीके शिवकुमार के अगले मुख्यमंत्री बनने की संभावना सबसे ज्यादा मानी जा रही है.
नई कैबिनेट पर सबसे ज्यादा चर्चा
नई सरकार में मंत्रियों को जगह देने और विभाग बांटने को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है. माना जा रहा है कि सिद्धारमैया के करीबी नेताओं को नई कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है ताकि पार्टी में संतुलन बना रहे. सूत्रों के मुताबिक, सिद्धारमैया अपने समर्थकों और बेटे के लिए भी नई सरकार में जगह मांग सकते हैं. डिप्टी मुख्यमंत्री पद को लेकर भी चर्चा चल रही है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि डीके शिवकुमार के नेतृत्व में नई कर्नाटक सरकार का अंतिम स्वरूप कैसा होगा और उसमें सिद्धारमैया की भूमिका कितनी अहम रहेगी.
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