Khamenei Funeral Live Updates: ईरान ने अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए 4 जुलाई का दिन ही क्यों चुना? सामने आई ये वजह


Ali Khamenei Funeral: ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम शनिवार से तेहरान में शुरू हो गए. सरकार का दावा है कि छह दिनों तक चलने वाले इन कार्यक्रमों में करोड़ों लोगों के शामिल होने की संभावना है. खामेनेई की 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हवाई हमलों के दौरान मौत हुई थी. युद्ध के कारण अंतिम संस्कार टाल दिया गया था. अब उनके पार्थिव शरीर को तेहरान के बाद इराक के नजफ और कर्बला ले जाया जाएगा तथा 9 जुलाई को उनके जन्मस्थान मशहद स्थित इमाम रज़ा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा.

भारत की ओर से दी गई श्रद्धांजलि

भारत सरकार की ओर से विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने तेहरान पहुंचकर अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम में भाग लिया. दोनों ने भारत सरकार और देश की जनता की ओर से खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान पश्चिम एशिया में हालिया संघर्ष में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति भी संवेदना व्यक्त की गई. विदेश मंत्रालय ने पहले ही स्पष्ट किया था कि इस कार्यक्रम में भारत का उच्चस्तरीय प्रतिनिधित्व दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और जन-से-जन संबंधों को दर्शाता है, जो द्विपक्षीय रिश्तों की मजबूत नींव हैं.

ईरान में लाखों लोगों के जुटने का अनुमान

ईरानी प्रशासन के अनुसार केवल तेहरान में ही अगले तीन दिनों के दौरान 1.5 से 2 करोड़ लोगों के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है. शुक्रवार रात से ही बड़ी संख्या में लोग ग्रैंड मोसल्ला परिसर के बाहर पहुंचने लगे थे. अंतिम संस्कार के कार्यक्रम तेहरान और कोम में आयोजित किए जाएंगे, जबकि अंतिम दफन 9 जुलाई को मशहद में होगा.

कई भारतीय प्रतिनिधि भी पहुंचे

कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद भी कांग्रेस की ओर से कार्यक्रम में शामिल हुए. पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भी खामेनेई को श्रद्धांजलि दी और उन्हें कठिन परिस्थितियों में नेतृत्व करने वाला नेता बताया. इसके अलावा भारत से गए सिख, हिंदू, मुस्लिम और ईसाई धर्मगुरुओं के प्रतिनिधिमंडल ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की.

युद्ध के बाद नाजुक संघर्षविराम के बीच आयोजन

अंतिम संस्कार ऐसे समय हो रहा है जब ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच हालिया युद्ध के बाद संघर्षविराम लागू है. इस बीच खामेनेई के उत्तराधिकारी मोजतबा खामेनेई को लेकर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर बनी हुई है, हालांकि उन्होंने अब तक सार्वजनिक रूप से कोई बड़ी उपस्थिति दर्ज नहीं कराई है.



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